अक्टूबर-नवंबर में लगाएं लहसुन की ये किस्म, मार्च-अप्रैल में कमाएं लाखों! किसान से जानिए कमाई का धांसू फॉर्मूला
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Lehsun ki kheti: रामपुर के किसान विजयपाल मौर्य ने मेहनत और समझदारी से खेती को मुनाफे का जरिया बना लिया है. पिछले 22 सालों से लहसुन की खेती कर रहे विजयपाल ने इस बार 5 बीघा में खास वेरायटी का लहसुन लगाया है, जो स्वाद और खुशबू में बेहतरीन मानी जाती है.
रामपुर: मेहनत और समझदारी अगर साथ हो तो खेती हमेशा मुनाफे का सौदा बन जाती है. रामपुर जनपद के गांव सिगनखेड़ा के मजरा हसमतगंज के किसान विजयपाल मौर्य इसकी जीती-जागती मिसाल हैं. वो पिछले 22 सालों से लगातार लहसुन की खेती कर रहे हैं और हर सीजन में अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. इस बार भी उन्होंने करीब 5 बीघा जमीन में लहसुन की फसल लगाई है.
विजयपाल बताते हैं कि उन्होंने काठरोला वेरायटी की बुवाई की है, जो स्वाद और खुशबू में बेहतरीन मानी जाती है. इस किस्म की एक बीघा से करीब 4 क्विंटल लहसुन निकलता है. यही वजह है कि व्यापारी खुद उनके खेत पर खरीदारी करने पहुंच जाते हैं.
लहसुन की खेती से मिल रही है बढ़िया कमाई
विजयपाल मौर्य ने बताया कि पिछले साल लहसुन का भाव 300 रुपए किलो तक पहुंच गया था, जिससे उन्हें बंपर कमाई हुई थी. इस साल कीमत 60 से 70 रुपए किलो चल रही है, लेकिन फिर भी उन्हें अच्छा मुनाफा होने की उम्मीद है.
वो कहते हैं कि अगर किसान सही समय पर बुवाई करें और फसल की देखभाल ठीक तरीके से करें, तो लहसुन की खेती हमेशा फायदे का सौदा साबित होती है.
लहसुन की बुवाई और तैयारी
विजयपाल बताते हैं कि लहसुन की बुवाई अक्टूबर-नवंबर में की जाती है. इसके लिए खेत को पहले अच्छी तरह जोतकर उसमें गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलानी चाहिए. लहसुन का बीज कलियों के रूप में लगाया जाता है, यानी एक-एक फांक को मिट्टी में दबाना पड़ता है. फसल को तैयार होने में करीब 4 से 5 महीने लगते हैं और मार्च-अप्रैल तक लहसुन खुदाई के लायक हो जाता है.
सिंचाई और देखभाल पर दें ध्यान
विजयपाल के अनुसार लहसुन की सिंचाई में बहुत अधिक पानी की जरूरत नहीं होती. शुरुआत में 10 से 15 दिन के अंतराल पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए. जैसे-जैसे पौधे मजबूत होते जाते हैं, सिंचाई कम करनी चाहिए क्योंकि ज्यादा पानी से गांठें सड़ सकती हैं. खेत में नमी बनाए रखना जरूरी है लेकिन पानी भरना नुकसानदायक होता है.
काठरोला वेरायटी की खासियत
काठरोला किस्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी कलियां बड़ी होती हैं और छिलका सफेद व चमकदार निकलता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग सबसे ज्यादा रहती है. व्यापारी स्वाद और क्वालिटी दोनों के कारण इस किस्म को पसंद करते हैं.
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. मैने शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 ( नेटवर्क 18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News 18 (नेटवर्क 18) के साथ जुड़ी हूं…और पढ़ें
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