अयोध्या का लाल साहब दरबार, जहां आज भी भगवान राम और माता जानकी देते हैं दर्शन..यहां जानिए क्या है रहस्य और मान्यताएं
Last Updated:
समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और जब स्वामी श्री मणि जी महाराज अपने परमधाम को पधार गए. तब अयोध्या के वरिष्ठ संतों और महात्माओं ने इस पवित्र स्थल को लाल साहब दरबार का नाम दिया .लाल साहब दरबार का तात्पर्य उसी बाल रूप से है जिसमें भगवान महाराज जी के साथ बालकों की तरह क्रीड़ा किया करते थे
अयोध्या: प्रभु राम की नगरी अयोध्या मठ मंदिर और प्राचीन धरोहर की वजह से पूरे विश्व में विख्यात है. अयोध्या में आज भी कई ऐसे प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर स्थित है, जिसका रहस्य जानकर आपको हैरानी होगी. दरअसल, अयोध्या धाम के पावन तीर्थ स्थलों में से एक कनक भवन परिसर में स्थित लाल साहब दरबार का विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है. लाल साहब मंदिर के महंत राम नरेश शरण महाराज के अनुसार यह वही स्थल है जहां प्रभु श्रीराम और माता जानकी आज भी लाल साहब के रूप में श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं.
क्या है इतिहास
लगभग तीन शताब्दी पूर्व स्वामी श्री मणि जी महाराज के समय में इस स्थान पर एक विशाल बरगद का पेड़ और एक साधारण कुटी हुआ करती थी. इसी कुटी में रहकर महाराज जी प्रभु श्रीराम का भजन, ध्यान और साधना किया करते थे .कहा जाता है कि उस समय बाल स्वरूप में भगवान श्रीराम, महाराज जी के साथ बालकों की तरह खेला भी करते थे. बरगद के पेड़ के नीचे ही महाराज जी प्रभु का श्रृंगार करते थे और उन्हें लाड़-प्यार से “लल्ला” कहकर पुकारते थे.
यहां विराजमान हैं भगवान श्री राम
समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और जब स्वामी श्री मणि जी महाराज अपने परमधाम को पधार गए. तब अयोध्या के वरिष्ठ संतों और महात्माओं ने इस पवित्र स्थल को लाल साहब दरबार का नाम दिया. लाल साहब दरबार का तात्पर्य उसी बाल रूप से है जिसमें भगवान राम, महाराज जी के साथ बालकों की तरह क्रीड़ा किया करते थे. बाद में इस स्थल पर मंदिर का निर्माण कराया गया और मंदिर में विधिवत रूप से भगवान श्रीराम और माता जानकी की स्थापना की गई. आज भी अयोध्या में भगवान श्रीराम यहां लाल साहब के स्वरूप में विराजमान माने जाते हैं यह आस्था और परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी भक्तों के हृदय में जीवित हैं.
हजारों की संख्या में आते हैं श्रद्धालु
लाल साहब दरबार में विशेष पर्वों, उत्सवों और धार्मिक अवसरों पर भव्य अनुष्ठान, पूजन और श्रृंगार आयोजित किए जाते हैं. राम नवमी, दीपोत्सव और अन्य वैष्णव पर्वों पर यहां विशेष श्रद्धा का वातावरण देखने को मिलता है. प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं और प्रभु श्रीराम तथा माता जानकी से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. लाल साहब दरबार न केवल एक मंदिर है बल्कि यह अयोध्या की आध्यात्मिक परंपरा, बाल स्वरूप भक्ति और संत-संस्कृति का जीवंत प्रतीक भी है.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें