अलीगढ़ में सेंटर चला रहा था मोहम्मद जशीम, कंगना रनौत का भी कनेक्शन आया सामने
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Centre For Narendra Modi Studies: सीबीआई ने मामले की जांच के लिए मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट से अनुमति मांगी थी, जिसे 14 अक्टूबर को मंजूरी दे दी गई. इसके बाद जसीम मोहम्मद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, फिलहाल इस मामले में पुलिस और सीबीआई द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है.
अलीगढ़ः केंद्रीय जांच ब्यूरों (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से जसीम मोहम्मद नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर स्टडी और रिसर्च सेंटर चल रहा था. जसीम के खिलाफ पीएमओ की तरफ से दी गई शिकायत के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है. बीते 24 अक्टूबर को जसीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. क्योंकि वह बिना किसी परमिशन के नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र व नमो केंद्र चला रहा था. जसीम ने इस सेंटर को सही दिखाने के लिए फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत का भी इस्तेमाल किया. जसीम ने इस फर्जी रिसर्च सेंटर की साइट पर भाजपा सांसद कंगना रनौत को यह दावा करते हुए दिखाया था कि उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी के भाषणों का एक कलेक्शन तैयार किया है.
क्या है नमो केंद्र? जिसे चला रहा था जसीम
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक जसीम मोहम्मद ने साल 2021 में 25 जनवरी को नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र रजिस्टर्ड कराया था और वह भी केंद्र सरकार और पीएमओ की अनुमति के बिना.इस सेंटर का पता वेबसाइट पर अलीगढ़ का किला एन्क्लेव, रामगढ़-पंजूपुर बताया गया है. इसकी वेबसाइट पर सेंटर की एक तस्वीर भी है, जिसमें केंवल बाउंड्री वॉल और गेट है. प्राप्त जानकारी के मुकताबिक इस स्टडीज सेंटर के खिलाफ एक वकील ने पीएमओ से शिकायत की थी. वकील ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि जसीम मोहम्मद नाम का शख्स बिना किसी परमिशन के यह केंद्र चल रहा है, जो Emblems and Names (Prevention of Improper Use) Act, 1950 का उल्लंघन है.
कंगना रनौत से क्या है कनेक्शन?
सीबीआई ने मामले की जांच के लिए मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट से अनुमति मांगी थी, जिसे 14 अक्टूबर को मंजूरी दे दी गई. इसके बाद जसीम मोहम्मद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, फिलहाल इस मामले में पुलिस और सीबीआई द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है. वेबसाइट पर एक वीडियो में भाजपा सांसद कंगना रनौत केंद्र द्वारा प्रकाशित हिंदी किताब ‘राष्ट्र प्रथम: नरेंद्र मोदी’ का समर्थन करती हैं, जिसे उन्होंने संकलित और संपादित करने का दावा किया है. वे कहती हैं कि इसमें पीएम के भाषण शामिल हैं और इसे हर बच्चे को पढ़ाया जाना चाहिए. सीबीआई की एफआईआर को लेकर अभी तक कंगना रनौत का कोई कमेंट नहीं आया है. बता दें कि मामला मुख्य रूप से प्रधानमंत्री के नाम और अन्य प्रतीकों के अनुचित उपयोग के बारे में है.

Prashant Rai is a seasoned journalist with over seven years of extensive experience in the media industry. Having honed his skills at some of the most respected news outlets, including ETV Bharat, Amar Ujala, a…और पढ़ें
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