आजम खान की बिगड़ गई तबीयत, आनन-फानन में ले जाए गए डॉक्टर के पास, दिया गया नेबुलाइजर
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Azam Khan News: फर्जी पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की तबीयत बिगड़ गई है. आजम खान को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. आजम खान की तबीयत खराब होने पर जेल में ही डॉक्टर को दिखाया गया. इसके बाद चिकित्सकिय परामर्श पर आज़म खान को नेबुलाइजर उपलब्ध कराया गया है.
रामपुरः फर्जी पैन कार्ड मामले में रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की तबीयत बिगड़ गई है. आजम खान को सांस लेने में दिक्कत हो रही है. आजम खान की तबीयत खराब होने पर जेल में ही डॉक्टर को दिखाया गया. इसके बाद चिकित्सकिय परामर्श पर आज़म खान को नेबुलाइजर उपलब्ध कराया गया है. बेटे अब्दुल्ला के दो पैनकार्ड के मामले में आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म 7-7 साल की सजा मिलने के बाद जेल में बंद हैं.
बता दें कि रामपुर की विशेष सांसद /विधायक अदालत ने बुधवार को निर्देश दिया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को रामपुर जिला जेल में ही रखा जाए और बिना पूर्व अनुमति के उन्हें किसी अन्य जेल में स्थानांतरित न किया जाए. न्यायाधीश शोभित बंसल ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रामपुर जेल अधीक्षक को आदेश दिया कि आजम के खिलाफ लंबित कई मामलों की सुनवाई रामपुर में ही हो रही है इसलिए दोनों को रामपुर जिला जेल में ही रखा जाए और बिना अदालत की अनुमति के उनको रामपुर से बाहर दूसरे जिले की जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाए. साथ ही अदालत ने यह भी निर्देशित किया कि आजम खान को ‘सुपीरियर क्लास जेल’ उपलब्ध कराई जाए और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए समुचित मेडिकल सुविधा भी मुहैया कराई जाए.
अदालत का आदेश आजम खान के लिए राहत भरा माना जा रहा है. इससे पहले सबसे ज्यादा मामलों में अभियुक्त बनाए गए आजम खान सीतापुर जेल में जबकि कई अन्य मामलों में आरोपी उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम हरदोई जेल में बंद थे. आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को अलग अलग जन्म तिथि के दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में विगत सोमवार को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद आजम ने रामपुर जिला जेल में ही रखे जाने की मांग करते हुए एक आवेदन दाखिल किया था. उन्होंने अपने खराब स्वास्थ्य और अपने खिलाफ 100 से ज्यादा मामलों का हवाला दिया था. साथ ही अपने बेटे के खिलाफ लगभग 45 मामलों का भी हवाला दिया था, जिनमें से ज़्यादातर की सुनवाई रामपुर में हो रही है.
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन … और पढ़ें