आम के पत्तों पर सफेद पाउडर को न समझें धूल! जनवरी में बिगाड़ देगा पौधों का गणित

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आम के पत्तों पर सफेद पाउडर को न समझें धूल! जनवरी में बिगाड़ देगा पौधों का गणित


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Mango Gardening Tips,आम के पत्तों और बौर पर दिखने वाला सफेद पाउडर साधारण धूल नहीं, बल्कि पाउडर मिल्ड्यू रोग का संकेत है. जनवरी महीने में ठंडी रातें और नमी इस फफूंद को तेजी से फैलने में मदद करती हैं. अगर समय पर पहचान और सही फफूंदनाशक का छिड़काव न किया गया, तो यह रोग बौर झड़ने और भारी नुकसान का कारण बन सकता है.

शाहजहांपुर : आम की फसल पर मंडराता ‘सफेद दुश्मन’ उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और बदलता मौसम आम के बागों के लिए खतरे की घंटी बजा रहा है. ‘पाउडर मिल्ड्यू’ नामक फफूंद जनित रोग आम की बौर को तेजी से अपनी चपेट में लेता है. यदि समय रहते ध्यान न दिया गया, तो यह रोग पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है. शुरुआती दौर में यह पत्तियों और फूलों पर सफेद पाउडर की तरह दिखाई देता है, जिसे किसान अक्सर साधारण धूल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि फरवरी और मार्च के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव इस बीमारी को और अधिक आक्रामक बना सकता है. ऐसे में जरूरी है कि किसान जनवरी महीने में ही कुछ जरूरी उपाय कर आम के बाग को सुरक्षित कर लें.

जिला उद्यान अधिकारी डॉ पुनीत कुमार पाठक ने बताया कि यह रोग ओइडियम मेंजीफेरी नामक फंगस के कारण होता है. जब दिन का तापमान गर्म और रातें ठंडी नमी वाली होती हैं, तो यह फंगस तेजी से फैलता है. संक्रमण होने पर आम के बौर और नन्हे फलों पर सफेद पाउडर जैसा जमाव हो जाता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण और परागण की प्रक्रिया रुक जाती है. इसके परिणामस्वरूप बौर काले पड़कर सूख जाते हैं और छोटे फल मटर के दाने के समान गिर जाते हैं. किसान बागों की नियमित निगरानी करें और लक्षण दिखते ही फफूंदनाशक का छिड़काव करें.

कैसे करें मिल्ड्यू रोग से बचाव?
बौर निकलने से पहले या शुरुआती अवस्था में 2 ग्राम सल्फर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. रोग के लक्षण दिखने पर डाइनोकैप (0.1%) या कार्बेन्डाजिम का 10-15 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करें. किसान अच्छी उपज के लिए किसी अच्छे हैं सिस्टमैटिक कीटनाशक का भी छिड़काव कर दें. समय पर उपचार से 70-80% तक फसल को बचाया जा सकता है। इससे फलों की गुणवत्ता बेहतर होती है, फल झड़ने की समस्या कम होती है और अंततः किसानों को बाजार में अपनी उपज का बेहतर दाम मिलता है.

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mritunjay baghel

मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें

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