इस वैरायटी की मिर्च ने किसानों की जिंदगी में घोली मिठास, 10 हजार लगाकर पैदाकर रहे 1 लाख की पैदावार
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Mirch top variety : यह मिर्च दूसरी फसलों की तुलना में ज्यादा लाभदायक है. अब दूसरे किसान भी इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं. एक बीघे में लागत 10 हजार रुपये आती है. इसमें बीज, पन्नी, डोरी, बांस, कीटनाशक और पानी का खर्च शामिल है.
बाराबंकी. यूपी के बाराबंकी में खेती तेजी से बदल रही है. यहां के किसान पारंपरिक फसलों के बजाय अचारी मिर्च की खेती पर ध्यान दे रहे हैं. कम लागत और कम समय में तैयार होने वाली फसल के कारण किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है. यह फसल दूसरी फसलों की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रही है. दूसरे किसान भी इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं क्योंकि इसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ती जा रही है. बाराबंकी के जरहरा गांव के रहने वाले किसान लखन ने अन्य फसलों के साथ-साथ अचारी मिर्च उगाना शुरू किया. आज वे करीब दो बीघे में अचारी मिर्च की खेती कर एक फसल पर 90 हजार से एक लाख रुपये मुनाफा कमा रहे हैं.
इतनी चीजों की जरूरत
किसान लखन बताते हैं कि पहले मैं पारंपरिक खेती करता था. इधर 5-6 साल से अचारी मिर्च की खेती कर रहा हूं, क्योंकि यह एक ऐसी फसल है जिसकी डिमांड बाजारों में कहीं अधिक है. इस समय करीब दो बीघे में अचारी मिर्च लगा रखी है. लागत एक बीघे में 10 हजार रुपये के आसपास आती है. इसमें बीज, पन्नी, डोरी, बांस और कीटनाशक व पानी आदि का खर्च लगता है. मुनाफे की बात करें तो 90 से एक लाख रुपए तक हो जाता है. इस मिर्च की खास बात यह है दूसरी किस्मों के मुकाबले अधिक पैदावार देती है और कम समय में जल्दी तैयार हो जाती है.
कैसे उगाएं?
किसान लखन के अनुसार, इसकी खेती करना काफी आसान है. पहले हम इसके बीज लाते हैं. फिर उसकी नर्सरी तैयार करते हैं. इसके बाद खेत की गहरी जुताई कर गोबर की खाद डाली जाती है. पूरे खेत में मेड बनाकर उसे पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर अचारी मिर्च के पौधे को लगाया जाता है. फिर इसकी सिंचाई कर दी जाती है. जब पौधे थोड़े बड़े होने लगते हैं तो उन्हें बांस और डोरी के सहारे बांध देते हैं. इससे पौधे की ग्रोथ होती है और खरपतवार का जमाव भी कम होता है. पौधा लगाने के महज डेढ़ महीने बाद फल निकलना शुरू हो जाते हैं.