एक पेड़, एक चिता, दो लाश… रो रहा था पूरा गांव, पति-पत्नी की ऐसी मौत
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यूपी के सीतापुर में शादी के महज 23 दिन बाद पति पत्नी द्वारा एक साथ की गई खुदकुशी के बाद सोमवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया. जिसमें पति पत्नी के शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया. इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आँखें नम हो गई.
सीतापुरः यूपी के सीतापुर में शादी के महज 23 दिन बाद पति पत्नी द्वारा एक साथ की गई खुदकुशी के बाद सोमवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया. जिसमें पति पत्नी के शवों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया. इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आँखें नम हो गई. पोस्टमार्टम में भी पति-पत्नी द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करना पाया गया. अब भी लोगों की जुबा पर एक सवाल है कि आखिर दोनों ने खुदकुशी क्यों की जबकि दोनों ने अपनी मर्जी से मंदिर में प्रेम विवाह किया था.
जिस मंदिर में की शादी, वहीं पेड़ से लटककर दे दी जान
इस घटना में सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ने जिस मंदिर में प्रेम विवाह करते हुए अपने नए जीवन की शुरुआत की थी उसी मंदिर में पेड़ से लटक कर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर ली. पोस्टमार्टम में भले ही दोनों नव दंपति द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करना पाया गया हो लेकिन अभी भी सवाल है कि आखिर दोनों ने खुदकुशी क्यों की ?
दोनों ने मर्जी से मंदिर में की थी शादी
बताते चलें कि लहरपुर कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत बस्ती पुरवा के रहने वाले खुशीराम ने गांव की ही रहने वाली मोहिनी से हरगांव थाना क्षेत्र में स्थित महामाई मंदिर में 6 दिसंबर को शादी की थी, जिसमें सूचना पाकर दोनों के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए थे. परिवार वालों ने पहले तो इस शादी का विरोध किया था. लेकिन फिर दोनों परिवार शादी के लिए राजी हो गए थे, जिसके बाद खुशी राम और मोहिनी अपने घर में रहने लगे. लेकिन रविवार को खुशी राम और मोहिनी के शव उसी मंदिर में संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटकते हुए पाए गए थे.
रात को चुपके से दोनों बाहर चले गए
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर गमगीन माहौल में किया गया. इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा. शादी के महज 22 दिन बाद दोनों द्वारा इस तरह का कदम उठाए जाने से लोग स्तब्ध हैं. परिजनों के अनुसार, रविवार की रात दोनों ने परिवार के साथ भोजन किया और इसके बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे. देर रात उनके घर से बाहर चले जाने की किसी को भनक तक नहीं लगी.
बड़े भाई ने किया अंतिम संस्कार
परंपरा और परिजनों की सहमति से दोनों को एक ही अर्थी पर रखकर एक ही चिता पर अंतिम विदाई दी गई. अंतिम संस्कार की रस्म मृतक खुशीराम के बड़े भाई धर्मेंद्र ने निभाई. इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिनकी आंखें नम थीं. बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया कि परिवार में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था. आत्महत्या के कारणों का अभी तक कोई स्पष्ट कारण समझ में नहीं आ रहा है. वहीं, कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि घटना को लेकर किसी भी पक्ष द्वारा कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाया गया है. पुलिस की मौजूदगी और दोनों परिवारों की सहमति से शांतिपूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें