कन्नौज का नागर मोथा इत्र खरीदते समय धोखा न खाएं, ऐसे करें असली की पहचान

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कन्नौज का नागर मोथा इत्र खरीदते समय धोखा न खाएं, ऐसे करें असली की पहचान


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Kannauj News: उत्तर प्रदेश का कन्नौज शहर इत्र यानी परफ्यूम के लिए दुनियाभर में मशहूर है. यहां कई घरों में इत्र बनाया जाता है, जो यहां से दुनियाभर में भेजा जाता है. शहर की संकरी गलियों में इत्र की खूशबू किसी को भी दीवाना बना लेंती हैं.

कन्नौज: इत्र नगरी कन्नौज अपनी फूलों की खुशबू के लिए विश्व प्रसिद्ध है. मगर, यहां केवल पुष्पों से ही नहीं बल्कि विशेष जड़ी-बूटियों से भी ऐसे इत्र तैयार किए जाते हैं, जो न केवल सुगंध में अनोखे हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माने जाते हैं. इसी श्रेणी में सबसे अधिक चर्चित है नागरमोथा का इत्र, जो इन दिनों अपने प्रीमियम गुणों और स्वास्थ्यवर्धक प्रभावों के कारण बड़ी तेजी से लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है.

इत्र विशेषज्ञों के मुताबिक, नागरमोथा का इत्र कई महंगे विदेशी परफ्यूम के प्राकृतिक सब्स्टीट्यूट के रूप में भी जाना जाता है. इसकी असली पहचान इसकी शुद्धता और प्राकृतिक वुडी नोट में छिपी होती है. इत्र व्यापारी निशीष तिवारी बताते हैं कि नागरमोथा के इत्र की गुणवत्ता मापने का सबसे विश्वसनीय तरीका उसमें मौजूद ‘सैफरीन’ है. यदि इत्र में सैफरीन 27% तक मिलता है तो इसे बेहद शुद्ध माना जाता है. वहीं, यदि इत्र में केमिकल मिलाया गया हो तो सैफरीन की मात्रा लगभग न के बराबर पाई जाती है. इससे इसकी पहचान आसानी से हो जाती है.

कैसे करें असली और नकली में पहचान?
जानकार बताते हैं कि नागरमोथा का डुप्लीकेट बाजार में बहुत कम मिलता है. मूल रूप से फर्क इसकी क्वालिटी में देखने को मिलता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि यह जड़ी बूटी किस क्षेत्र से आई है. कन्नौज के इत्र व्यापारियों के अनुसार बंगाल से आने वाला नागरमोथा सबसे उच्च गुणवत्ता का माना जाता है और उसकी जड़ से निकाला गया इत्र ज्यादा शुद्ध, टिकाऊ और प्रभावी होता है.

क्या है खासियत?
नागरमोथा का इत्र केवल खुशबू ही नहीं बिखेरता बल्कि इसमें मौजूद प्राकृतिक जड़ी-बूटियां एसेंशियल ऑयल की तरह शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं. इसके वुडी और अर्थी नोट मानसिक शांति, तनाव कम करने और ताजगी प्रदान करने में मददगार होते हैं. यही वजह है कि इसे लगातार बढ़ती डिमांड मिल रही है.

क्या बोले इत्र व्यापारी?
इत्र व्यापारी निशीष तिवारी बताते है कि कन्नौज के इत्र उद्योग में नागरमोथा का इत्र अपनी शुद्धता, स्वास्थ्यवर्धक गुणों और किफायती प्रीमियम विकल्प के रूप में नई पहचान बना रहा है. परफ्यूम प्रेमी और प्राकृतिक सुगंध चाहने वाले लोग इसे तेजी से अपना रहे हैं, जिससे कन्नौज की पारंपरिक सुगंध उद्योग को नई दिशा मिल रही है.

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