कमजोर विषयों पर फोकस, रोज 7 घंटे सेल्फ स्टडी और मोबाइल से दूरी, ऐसे बने अशांक JEE टॉपर
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Firozabad: फिरोजाबाद के अशांक गर्ग ने जेईई मेन्स की परीक्षा में 99.97 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता पायी है. इसके लिए उन्होंने दो साल तक खुद को दुनिया से काट लिया और दिनरात केवल पढ़ाई की. जानते हैं उन्होंने कैसे क…और पढ़ें
जेईई मैंस की परीक्षा पास करने बाद खुशी जताते हुए
हाइलाइट्स
- अशांक गर्ग ने जेईई मेन्स में 99.97% अंक हासिल किए.
- दो साल तक दोस्तों और परिवार से दूरी बनाई.
- मोबाइल से दूर रहकर रोज 7 घंटे सेल्फ स्टडी की.
फिरोजाबाद. घर के खर्चे चलाने के लिए पिता कांच का कारोबार करते हैं, लेकिन अपनी लगन और मेहनत के दम पर कारोबारी के बेटे ने इतिहास रच दिया है. यूपी के फिरोजाबाद में रहने वाले एक युवा ने दो साल लगातार मेहनत कर अपने सपनों को पूरा कर दिखाया है. इन्होंने जेईई मेन्स की परीक्षा में सबसे अधिक प्रतिशत हासिल किए हैं. हम बात कर रहे हैं अशांक गर्ग की जो 12वीं की भी तैयारी कर रहे हैं. उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है.
दो साल तक परिवार और दोस्तों से बनाई दूरी
फिरोजाबाद में रहने वाले युवा अशांक गर्ग ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए अपनी सफलता की कहानी बताई. उनके परिवार में पिता हेमंत गर्ग कांच का कारोबार है. घर में पिता व्यवसाय करते हैं, तो उन्हें लगा कि कुछ अलग करना चाहिए. फिर उनके एक भाई भी इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं, जिनसे काफी प्रेरणा मिली. इसके बाद उन्होंने कोचिंग ज्वॉइन की और तैयारी शुरू कर दी. हाईस्कूल के बाद से ही दो साल तक जेईई मेन्स की परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे. इस दौरान दो साल तक न तो किसी दोस्त से बातचीत की और न ही परिवार से मिले.
नहीं छुआ मोबाइल
इस दौरान वे अकेले पढ़ाई करते हुए अपने सपनों को साकार करने में लगे रहे. परीक्षा को पास करने के लिए जिन विषयों में कमजोर थे, उन पर ज्यादा फोकस किया. इस दौरान मोबाइल का भी इस्तेमाल नहीं किया. परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ 12वीं की परीक्षा की भी तैयारी करते रहे. दो साल की मेहनत रंग लाई और अशांक ने जेईई मेन्स की परीक्षा 99.97 प्रतिशत नंबर से पास कर ली. फिरोजाबाद में जेईई मेन्स की परीक्षा में सबसे अधिक नंबर लाने वाले ये पहले युवा बताए जा रहे हैं.
बच्चे की काबलियत पर मां को बचपन से था यकीन
जेईई मेन्स की परीक्षा पास करने वाले अशांक गर्ग की मां ऋचा गर्ग ने बताया कि उनके बेटे ने बहुत मेहनत की है. वह अपनी तैयारी के दौरान कोचिंग से आने के बाद 6 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी करता था. उनका बेटा बचपन से ही क्लास में अच्छे नंबर लेकर आता था और उनको यकीन था कि वह एक दिन उनका नाम रोशन करेगा. आज उनके बेटे को जो सफलता मिली है, उससे उनके परिवार में सभी बहुत खुश हैं. उन्हें उम्मीद है कि इसी तरह उनका बेटा आगे चलकर एक अच्छा इंजीनियर बनेगा और देश की सेवा करेगा.
Firozabad,Uttar Pradesh
February 13, 2025, 09:48 IST