केंचुआ खाद बनाने की प्रक्रिया नहीं जानते? एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें तैयार
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Lakhimpur Kheri News: केंचुआ को किसानों का मित्र कहा जाता है, क्योंकि इससे बनने वाली खाद काफी उपयोगी होती है. लेकिन केंचुआ खाद बनाने की प्रक्रिया के बारे में ज्यादातर किसान नहीं जानते हैं. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि केंचुआ खाद कैसे तैयार किया जाता है.
लखीमपुर खीरी: अगर आप कम पैसे में ऐसा काम शुरू करना चाहते हैं, जिससे गांव में रहकर भी अच्छी कमाई हो सके, तो वर्मी कंपोस्ट यानी केंचुआ खाद का बिजनेस आपके लिए बढ़िया विकल्प बन सकता है. इस काम की खास बात यह है कि इसे शुरू करने के लिए बहुत ज्यादा पूंजी की जरूरत नहीं होती. बस थोड़ा प्रशिक्षण और मेहनत चाहिए.
केंचुआ की खाद फसल के लिए बहुत ही उपयोगी मानी जाती है. केंचुआ खाद पूरी तरह जैविक खाद है. इसका उपयोग फसल की पैदावार को बढ़ाने के साथ-साथ रोग और कीट प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने के लिए किया जाता है. अलग-अलग फसलों में अलग मात्रा में इसका इस्तेमाल किया जाता है, ताकि फसलों को सही मात्रा में पोषण मिल सके. जानते हैं कि इस खाद को कैसे तैयार किया जाता है और केमिकल वाली खाद की तुलना में इससे क्या फायदे मिलते हैं.
केंचुआ है किसानों का मित्र
लोकल 18 से बातचीत करते हुए कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस के विश्वकर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि केंचुआ को किसानों का मित्र कहा जाता है. किसान केंचुआ की खाद आसानी से तैयार कर सकते हैं. लगातार कीटों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जिस कारण किसान अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों का काफी मात्रा में इस्तेमाल करते हैं.
वहीं अगर किसान केंचुआ की खाद का इस्तेमाल करें, तो फसल उत्पादन में वृद्धि हो सकती है. गोबर की खास से केंचुआ की खाद करीब 10 गुना ताकतवर होती है. केंचुआ की खाद बनाने के लिए किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे किसान प्रशिक्षण लेकर उसके बाद खाद तैयार कर सकें.
ऐसे तैयार करें खाद
केंचुआ की खाद बनाने के लिए 6-8 फुट ऊंचा शेड बनाएं. जमीन के बराबर ऊंचाई का बेड बनाएं. किसान सबसे पहले 10-15 दिन पुराना गोबर 1-1.5 फुट की ऊंचाई तक डालें. गोबर में केंचुए मिला दें. बीच-बीच में पानी का छिड़काव करें. 100 से 120 दिन के बीच में केंचुआ खाद तैयार हो जाती है. केचुआ की खाद बनाते समय विशेष ध्यान रखना चाहिए. जितना केंचुआ को मिक्स करते रहेंगे, उतनी अच्छी खाद तैयार हो जाएगी.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.