कोई ऑफिस नहीं, कोई पूंजी नहीं,फिर भी साइकिल से शुरू हुआ व्यापार अब चार पहियों तक,जाने कैसे

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कोई ऑफिस नहीं, कोई पूंजी नहीं,फिर भी साइकिल से शुरू हुआ व्यापार अब चार पहियों तक,जाने कैसे


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बहराइच के जुनैद ने बिना ऑफिस और पूंजी के साइकिल से शुरू किया सब्जी व्यापार, आज मोटरसाइकिल और चार पहिया तक फैल गया. सीधे किसानों से खरीदकर बाजार में बेचने की इस पहल ने उन्हें और किसानों दोनों को फायदा पहुंचाया.

बहराइच. व्यापार तो आपने बहुत लोगों को करते हुए देखा होगा लेकिन बहराइच जिले के रहने वाले एक शख्स जो इस तरह का व्यापार करते हैं जिसमें ना तो इनको कोई ऑफिस की जरूरत पड़ती है और ना ही पहले से पूंजी लगाने की और ना ही इसमें कोई पढ़े लिखे होने की,जुनैद ने अपना व्यापार का ऑफर साइकिल से शुरू किया था. आज मोटरसाइकिल पर कर रहा रन आगे चार पहिया पर लें जाने का प्रयास है.

जाने आखिर कौन सा है व्यापार किस तरह होता है शुरू
दरअसल हम जिस व्यापार की बात कर रहे हैं इस व्यापार को जुनैद नाम के शख्स ने लगभग 25 साल पहले शुरू किया था तब यह रोजगार को लेकर काफी परेशान थे. फिर उन्होंने गांव में कुछ लोगों को किसानों से डायरेक्ट साइकिल से साग सब्जी खरीदने हुए देखा और फिर इन्होंने उन साइकिल वालों का पीछा किया तो पता लगा की साइकिल से व्यापारी सीधा किसानों से साग, सब्जी खरीद कर बाजार में बेच देते हैं. इस तरह से एक अच्छी आमदनी हर रोज प्राप्त हो जाती है तो जुनैद ने सोचा क्यों ना इसे किया जाए.

देखा और कर दिया शुरू
दरअसल जुनैद ने जब व्यापारियों को साग, सब्जी खरीद कर बाजार बिक्री करते हुए देखा तब इन्होंने खुद एक साइकिल लेकर किसानों से संपर्क कर सीधा साग, सब्जी को खरीद कर बाजारों में बेचना शुरू कर दिया. पहले दिन ही इनको तगड़ा फायदा हुआ और फिर लगातार या कारवां जारी रहा. धीरे-धीरे इसी काम से जुनैद ने अपना घर मकान बनवाया और एक मोटरसाइकिल खरीदी. अब यह किसानों की सब्जी मोटरसाइकिल से खरीद कर सीधे बाजार में बेच देते हैं.

सीधे किसानों से खरीदने पर होता है फायदा
जुनैद ने बताया है मंडी से खरीदने पर कई तरह के नुकसान है एक तो बोरी में पैक जो सामान आते हैं उसमें भारी मात्रा में मिट्टी सड़े ,गले सामान भी मिल जाते हैं. जबकि किसान के यहां जांच परख कर साग सब्जी ली जाती है और मंडी से भाव भी ₹5 से 10 रुपये कम होते हैं और डायरेक्ट किसान के खेत की साग सब्जी होने के नाते बाजार में ₹2 एक्स्ट्रा में बिक जाती है. इस वजह से डबल फायदा हो जाता है, जुनैद को देखी देखा अब बहुत सारे लोग इस काम को करने लगे हैं. इससे न सिर्फ जुनैद जैसे व्यापारियों का फायदा होता है बल्कि किसानों का भी फायदा सीधे उनके खेत से ही हो जाता है. इस तरह से किसानों की ट्रांसपोर्टिंग भी बच जाती है और कैश उनको उनके खेत पर ही मिल जाता है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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