क्रूरता के हदें पार कर गया था औरंगजेब…थाली में परोसकर पिता को भेजा दारा शिकोह का सर
Last Updated:
Aurangzeb’s Cruelty Story: छत्रपति संभाजी के जीवन पर आधारित फिल्म छावा के रिलीज के बाद औरंगजेब की क्रूरता पर चर्चा शुरू हो गई है. औरंगजेब कितना क्रूर था फिल्म छावा इसकी कहानी कहती है. औरंगजेब की यह क्रूरता सिर्…और पढ़ें
दारा शिकोह जिसे लोग पंडितजी कहते थे, औरंगजेब ने सिर अलग कर कटे धड़ के साथ घुमाया
हाइलाइट्स
- औरंगजेब ने दारा शिकोह का सिर शाहजहां को भेजा.
- फिल्म छावा के बाद औरंगजेब की क्रूरता पर चर्चा.
- औरंगजेब ने सत्ता के लिए भाई-बहन और पिता को भी नहीं बख्शा.
अलीगढ़. विक्की कौशल की फिल्म छावा की रिलीज के बाद औरंगजेब और उसकी क्रूरता फिर चर्चा में है. इस फिल्म में विक्की कौशल ने छत्रपति संभाजी की भूमिका निभाई है. वैसे तो दक्कन जीतने की प्रयास में औरंगजेब और मराठाओं की दुश्मनी छत्रपति शिवाजी के दौर में शुरू हुई थी लेकिन शिवाजी की देहांत के बाद सत्ता पर काबिज होने वाले छावा यानी छत्रपति शिवाजी महाराज को षडयंत्र रचकर औरंगजेब ने गिरफ्तार कराया. इसके बाद शुरू हुआ यातनाओं का दौर. छत्रपति संभाजी पर इस्लाम कुबूल करने का दबाव बनाया, जब संभाजी ने ऐसा नहीं किया तो उनकी आंखें फोंड़ दी. जुबान काट दी. शरीर का एक-एक हिस्सा काटकर तुलापुर नदी में फिंकवाया गया गया. इस फिल्म के बाद औरंगजेब की क्रूरता पर नई बहस छिड़ गई है. औरंगजेब अपने भाई-बहन, पिता और दुश्मनों से कैसा सलूक करता था इस मुद्दे पर न्यूज 18 लोकल ने मशहूर इतिहासकार इरफान हबीब से बात की.
इतिहासकार इरफान हबीब ने बताया कि उपनिषदों को विश्व पटल पर जो प्रसिद्धि मिली, उसमें औरंगजेब के भाई दारा शिकोह का हाथ रहा. दारा शिकोह ने हिंदू-मुस्लिम धर्मों के बीच की खाई को पाटने के लिए कई प्रयास किए. दारा ने बनारस के पंडितों को दिल्ली बुलाया और 52 उपनिषदों का फारसी में अनुवाद का कार्य प्रारम्भ किया. इस अनुवाद का मुख्य भाव यह था कि उपनिषदों को मुसलमान भी पढ़ सकें. औरंगज़ेब ने युद्ध में दारा शिकोह को हराकर खून की नदियां बहाते हुए सत्ता हड़प ली थी. 30 अगस्त, 1659 को औरंगज़ेब ने दिल्ली में दारा शिकोह की हत्या करा दी थी.
सत्ता पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार था औरंगजेब
गौरतलब है कि शाहजहां को अपने चारों बेटों दारा शिकोह, शाह शुजा, औरंगजेब और मुराद में से सबसे ज्यादा लगाव दारा शिकोह से था. हालांकि मुगलों में उत्तराधिकार यानि राजा के बाद उसकी गद्दी का वारिस कौन होगा इसका सही तरीका या नियम नहीं मिलता लेकिन औरंगजेब को लगता था कि शाहजहां के बाद दारा शिकोह ही अगला बादशाह बनेगा. बदले की आग में औरंगजेब सत्ता हासिल करने के लिए कुछ भी कर गुरजने को तैयार था. यही वजह थी कि उसने सबसे पहले दारा शिकोह को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. जबकि दारा शिकोह अपने भाई से बहुत प्यार करता था और उसनेने बेकाबू हो चुके हाथी से औरंगजेब की जान भी बचाई थी.
जब पिता को भेज दिया दार का कटा हुआ सिर
मुगल सता पाने की लालच में औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहां को जेल भिजवाया. फिर दारा शिकोह को जंग में हराया. हालांकि जंग हारने के बाद दारा मैदान छोड़कर भाग गया था. लेकिन औरंगजेब ने दारा को गिरफ्तार करवाया और षडयंत्र रचकर उसकी गर्दन कलम करवा दी. औरंगजेब सिर्फ दारा शिकोह की हत्या से खुश नहीं हुआ. उसने हत्या की बाद क्रूरता की हदें भी पार की. एक भाई के साथ ऐसी क्रूरता भारतीय इतिहास में देखने को नहीं मिलती. उसने दारा का कटा हुआ सिर जेल में बंद पिता को भेजा.
Aligarh,Aligarh,Uttar Pradesh
March 07, 2025, 13:44 IST