खाली नहीं रहेंगे खेत,ज्यादा मुनाफे के साथ गर्मी में मशरूम खेती से किसानों की बढ़ेगी आमदनी!
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गोंडा में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं. खासकर मिल्की और ऑयस्टर मशरूम की खेती ने गर्मी के मौसम में भी कम लागत और कम जगह में अच्छी आमदनी का नया रास्ता खोल दिया है, जिससे सालभर कमाई संभव हो रही है.
गोंडा. जिले में अब किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को भी अपना रहे हैं, इनमें मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है. खास बात यह है कि कम जगह और कम लागत में होने वाली यह खेती किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बनती जा रही है. अब किसान गर्मी के मौसम में भी मशरूम उगाकर मुनाफा कमा रहे हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान केवीके गोपालग्राम के कृषि वैज्ञानिक डॉ. आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि पहले किसान सर्दियों में ही बटन मशरूम की खेती करते थे, जो केवल 3 से 4 महीने तक सीमित रहती है. इसके बाद खेत खाली रह जाते थे और किसान असमंजस में रहते थे कि आगे क्या करें. लेकिन अब गर्मी के मौसम के लिए भी मशरूम की खास किस्में उपलब्ध हैं, जिनसे सालभर खेती संभव हो गई है. डॉ. आशीष कुमार पांडेय के अनुसार गर्मियों में मुख्य रूप से दो प्रकार के मशरूम की खेती की जाती है. मिल्की मशरूम और ऑयस्टर मशरूम, ये दोनों किस्में अधिक तापमान में भी अच्छी पैदावार देती हैं और किसानों को अच्छा लाभ दिलाती हैं.
ऑयस्टर मशरूम की खेती
ऑयस्टर मशरूम की खेती मार्च महीने से शुरू की जा सकती है. यह लगभग 4 महीने तक चलती है और जून तक किसान इससे अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. इस मशरूम के लिए 28 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त माना जाता है. इसकी देखभाल भी आसान होती है, इसलिए छोटे किसान भी इसे आसानी से उगा सकते हैं.
मिल्की मशरूम की खेती
मिल्की मशरूम की खेती जून से शुरू होती है और सितंबर तक चलती है, यह भी करीब 4 महीने की फसल होती है. इसके लिए 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तापमान सही रहता है. यह गर्मी में तेजी से बढ़ता है और उत्पादन भी अच्छा देता है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ती है. डॉ. आशीष कुमार पांडेय बताते हैं कि दीनदयाल शोध संस्थान (केवीके) गोपाल ग्राम में किसानों को मशरूम की खेती के लिए समय-समय पर निशुल्क प्रशिक्षण दे दिया जाता है. डॉ आशीष कुमार पांडेय का कहना है कि अगर किसान सही तरीके से तापमान, नमी और साफ-सफाई का ध्यान रखें, तो मशरूम की खेती से कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. साथ ही बाजार में मशरूम की मांग भी लगातार बढ़ रही है, जिससे इसकी बिक्री में कोई दिक्कत नहीं होती. डॉ. आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि गर्मी के मौसम में मिल्की और ऑयस्टर मशरूम की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आई है. अगर किसान इसे सही तकनीक से अपनाएं, तो यह उनकी आय बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकती है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें