खेती भी स्मार्ट! बाराबंकी के किसान AI ऐप से बढ़ा रहे मुनाफा, मिनटों में मिल रहा समाधान
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Agriculture News: बाराबंकी जिले में अब खेती आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ रही है. एनपीएसएस ऐप के जरिए किसान AI आधारित फसल रोग पहचान तकनीक का उपयोग कर रहे हैं. मोबाइल से ही फसल की फोटो अपलोड करने पर कुछ ही मिनटों में रोग और कीट की सही जानकारी मिल जाती है. इससे किसानों का समय और लागत बचती है और उत्पादन बेहतर होता है. यह पहल खेती को आसान, सुरक्षित और लाभकारी बनाने में मदद कर रही है.
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में खेती-किसानी अब पुराने ढर्रे से निकलकर आधुनिक तकनीक की ओर मजबूती से कदम बढ़ा चुकी है. जिले में ‘एनपीएसएस’ (NPSS) विधि के तहत किसानों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स का इस्तेमाल शुरू किया है, जो फसलों में लगने वाले कीट और बीमारियों की पहचान पलक झपकते ही कर लेते हैं. जिससे अब किसानों को अपनी फसल के खराब होने का डर नहीं सताता, क्योंकि उनके मोबाइल में ही कृषि विशेषज्ञ मौजूद हैं.
फोटो खींचते ही मिल जाता है समाधान
इस नई तकनीक ने किसानों के काम को बेहद आसान बना दिया है. किसान अपने एंड्रॉयड फोन से खराब फसल या कीट की फोटो लेते हैं और उसे ऐप पर अपलोड कर देते हैं. कुछ ही मिनटों में एआई तकनीक उस तस्वीर का विश्लेषण करती है और बीमारी की सटीक जानकारी के साथ-साथ उपचार की सही सलाह भी दे देती है. इससे किसानों को यह पता चल जाता है कि उन्हें कौन सी दवा कितनी मात्रा में छिड़कनी है.
कृषि विभाग की विशेष सलाह
कृषि उपनिदेशक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि एनपीएसएस विधि को बढ़ावा देने के लिए जिले के कई गांवों में किसानों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अनावश्यक कीटनाशकों के छिड़काव को रोकती है, जिससे खेती टिकाऊ बनती है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड करें. खेत में किसी भी तरह का रोग दिखने पर तुरंत उसकी फोटो भेजें, ताकि समय रहते फसल को बचाया जा सके.
आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती की ओर कदम
अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल क्रांति से न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि पर्यावरण को भी रसायनों के ज्यादा इस्तेमाल से बचाया जा सकेगा. जब किसान को बीमारी की सही जानकारी होगी, तो वह सिर्फ जरूरत के अनुसार ही दवाओं का प्रयोग करेगा. यह कदम भविष्य की खेती को और अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें