गाजियाबाद: पराली जलाने वाले किसानों की अब खैर नहीं, 30 हजार तक लगेगा जुर्माना
यह कदम केंद्र सरकार की हालिया अधिसूचना के बाद उठाया गया है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में पराली जलाने पर जुर्माने को दोगुना कर दिया गया है. गाजियाबाद इस अभियान से विशेष रूप से लाभान्वित होगा. पिछले वर्षों में नवंबर-दिसंबर में यहां AQI 300 से ऊपर पहुंच जाता था, जिसका बड़ा कारण पराली जलाना ही था.
जुर्माने की स्लैब भूमि के आकार पर निर्भर
पराली जलाने पकड़े गए किसानों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माने की राशि भूमि के आकार के आधार पर होगी. 2 एकड़ तक 5,000 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 10,000 रुपये और 5 एकड़ से अधिक पर 30,000 रुपये. ये राशियां सीधे पर्यावरण संरक्षण कोष में जमा होंगी. इसके अलावा, दोषी किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है और सब्सिडी लाभ रद्द हो सकता है. विभाग ने स्पष्ट किया कि जुर्माना तत्काल वसूला जाएगा, और दोहराने पर अतिरिक्त कार्रवाई होगी.
पिछले साल 32 किसानों पर कार्रवाई
पिछले पांच वर्षों (2020-2024) में गाज़ियाबाद जिले में पराली जलाने के 150 से अधिक मामलों की शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 32 किसानों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की गई. इनमें कुल 8 लाख रुपये से अधिक की वसूली हुई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह पर्याप्त नहीं था. किसान संगठनों ने बताया कि छोटे किसानों के पास वैकल्पिक मशीनरी के लिए संसाधन कम हैं, जिससे वे पुरानी आदतों पर लौट आते हैं. इस बार अभियान में 500 से अधिक किसानों को मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी, और सब्सिडी पर 200 हैप्पी सीडर मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी.