गाजीपुर की मिट्टी में 16 गुना क्रोमियम! पानी भी हुआ जहरीला, खेती और इंसानी जान पर मंडरा रहा सकंट
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Chromium Content In Soil of Ghazipur : गाजीपुर की मिट्टी में क्रोमियम का स्तर सुरक्षित सीमा से 16 गुना अधिक पाया गया है, जिससे पानी भी जहरीला हो गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस कारण खेती और उपज दोनों पर संकट मंडरा रहा है, और लंबे समय तक अनजाने इस मिट्टी में उगे अनाज का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं.
गाजीपुर : गाजीपुर में रबी सीजन की बुवाई के बीच किसानों को बीज, खाद और दवाइयों की कमी के साथ-साथ मिट्टी की बिगड़ती गुणवत्ता भी बड़ी चुनौती बन गई है. इसी को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र गाजीपुर लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है. ऐसे में वैज्ञानिक डॉ. डीके सिंह खुद गांव-गांव जाकर किसानों को बताते हैं कि खेत की मिट्टी की जांच अब मजबूरी बन गई है.
डॉ. सिंह ने बताया कि जब मिट्टी की उर्वरता कम होगी तो उत्पादन घटेगा और खेती की लागत बढ़ेगी. फसल के लिए जरूरी पोषक तत्व उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने इंसान के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन और खनिज कई किसान बिना मिट्टी की जांच किए सिर्फ यूरिया डालते रहते हैं, सोचते हैं कि इससे उपज बढ़ जाएगी, लेकिन वास्तव में यह उल्टा असर डालता है. मिट्टी में किस तत्व की कमी या अधिकता है, यह जानकर ही खेती करना सही और फायदेमंद होता है.
मिट्टी की जांच जरूरी
मिट्टी में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, पीएच और ऑर्गेनिक तत्वों की जांच बहुत जरूरी है. मिट्टी का पीएच बिगड़ने पर फसल का विकास प्रभावित होता है, वहीं ऑर्गेनिक तत्व कम होने पर खेत की उर्वरता घट जाती है. इसके लिए हरी खाद, गोबर की खाद और फसल अवशेषों को खेत में मिलाना जरूरी है. डॉ. सिंह का कहना है कि मिट्टी की सही जानकारी होने पर उचित खाद प्रबंधन से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है.
गाजीपुर की मिट्टी में क्रोमियम की मात्रा अधिक
इधर, मिट्टी से जुड़ी एक और चिंता बढ़ाने वाली बात सामने आई है. बांदा कृषि विश्वविद्यालय में रिसर्च कर रहे गाजीपुर के बिरनो इलाके के शोधार्थी कृष्णा यादव ने बताया कि कई जगहों की मिट्टी में क्रोमियम की मात्रा बहुत अधिक पाई जा रही है. वैज्ञानिक मानते हैं कि मिट्टी में क्रोमियम 40 मिलीग्राम प्रति किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए, लेकिन रिसर्च में यह मात्रा 630 मिलीग्राम प्रति किलो पाई गई. कृष्णा यादव ने बताया कि यदि मिट्टी ही जहर हो गई तो उसी से उगने वाले अनाज और सब्जियां भी हानिकारक हो सकती हैं. लगातार ऐसे अनाज का सेवन करने से लोगों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है.
पानी भी हुई जहरीली
कृष्णा यादव ने यह भी बताया कि गाजीपुर के भूमिगत जल में आर्सेनिक जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं, लेकिन इसका कारण भी मिट्टी ही है. बारिश का पानी जहरीले तत्वों को मिट्टी से ले जाता है और लोग इसी पानी का उपयोग करते हैं. यदि आज लोग मिट्टी की खराबी के प्रति सतर्क नहीं हुए, तो आने वाले समय में यह पूरे क्षेत्र की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है.
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मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें