गेहूं, मटर, चना की बुवाई के बाद 4 महीने में करें ये 3 काम… बंपर होगा उत्पादन, AMU के एक्सपर्ट ने दिए टिप्स

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गेहूं, मटर, चना की बुवाई के बाद 4 महीने में करें ये 3 काम… बंपर होगा उत्पादन, AMU के एक्सपर्ट ने दिए टिप्स


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Farming Tips : अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के कृषि विशेषज्ञ प्रोफेसर मुजीबुर रहमान खान ने गेहूं, मटर और चना की बेहतर पैदावार के लिए किसानों को अहम सुझाव दिए हैं. उन्होंने कहा कि बुवाई के बाद चार महीने के भीतर अगर किसान तीन जरूरी कदम अपनाएं, तो फसल न सिर्फ बीमारियों से सुरक्षित रहेगी, बल्कि उत्पादन भी बंपर होगा.

अलीगढ़ : रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों के सामने यह बड़ा सवाल होता है कि कौन सी फसल बोई जाए, जिससे कम लागत में अधिक मुनाफा मिल सके. ऐसे में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए अहम सुझाव दिए हैं. प्रो. खान ने बताया कि अक्टूबर-नवंबर का महीना फसलों की बुवाई के लिए बेहद अनुकूल समय होता है.प्रो. खान ने किसानों को फसल को बर्बादी से बचाने और पैदावार बढ़ाने के लिए कुछ अहम सुझाव दिए हैं, इन आसान उपायों को अपनाकर किसान कम खर्च में अपनी फसल को सुरक्षित और अधिक उत्पादक बना सकते हैं.

प्रोफेसर खान ने कहा कि अधिकतर किसान यह सोचकर संतुष्ट हो जाते हैं कि खेत की अच्छी जुताई, बीज की बुवाई, खाद और पानी देना ही खेती का पूरा काम है. लेकिन खेती केवल बुवाई तक सीमित नहीं है. किसान भाइयों को चाहिए कि वे अपनी फसल की नियमित रूप से कम से कम हफ्ते में एक या दो बारनिगरानी करें. अगर फसल पर किसी भी प्रकार के कीट या रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई दें, तो उसे नजरअंदाज न करें. शुरुआती अवस्था में पहचान कर आवश्यक दवा का छिड़काव कर दिया जाए तो बहुत कम खर्च में फसल को बचाया जा सकता है. लेकिन यदि बीमारी को अनदेखा किया गया, तो 3-4 हफ्तों में यह गंभीर रूप ले सकती है और पूरी फसल को बर्बाद कर सकती है.

बीज उपचार के फायदे
प्रोफेसर खान ने आगे कहा कि जैसे दलहन फसलों के लिए राइजोबियम कल्चर लाभदायक होता है, उसी तरह रोगों से बचाव के लिए बायोपेस्टिसाइड्स का प्रयोग भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि बाजार में आजकल ट्राइकोडर्मा और सूडोमोनास जैसे बायोपेस्टिसाइड्स आसानी से उपलब्ध हैं. ये बीज उपचार के लिए बेहद उपयोगी होते हैं और फसलों को मिट्टी जनित बीमारियों से बचाते हैं. उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बुवाई से पहले बीज को इन बायोपेस्टिसाइड्स से अवश्य उपचारित करें. इससे फसल अधिक मजबूत होगी और बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा.

जरूर करें ये 3 काम
साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि बीज खरीदते समय किसान डीलर से ट्राइकोडर्मा या सूडोमोनास की मांग जरूर करें. अक्सर डीलर इन्हें छोटे पैक के रूप में मुफ्त देते हैं, और यदि न दें तो ये ₹150 से ₹200 में आसानी से मिल जाते हैं. अंत में प्रोफेसर खान ने कहा कि यदि किसान नियमित फसल निरीक्षण, बीज उपचार और समय पर रोग नियंत्रण जैसे छोटे-छोटे उपाय अपनाएं, तो उनकी फसल न केवल स्वस्थ और सुरक्षित रहेगी, बल्कि पैदावार और मुनाफा भी दोगुना हो जाएगा.

mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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गेहूं, मटर, चना की बुवाई के बाद 4 महीने में करें ये 3 काम… बंपर होगा उत्पादन



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