गोंडा की 200 साल पुरानी कुटी का चमत्कार, जब जमींदार को दिखाई दिए ‘दो बल्लभ दास’

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गोंडा की 200 साल पुरानी कुटी का चमत्कार, जब जमींदार को दिखाई दिए ‘दो बल्लभ दास’


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गोंडा के खरगूपुर क्षेत्र के लोनावा गांव में स्थित लगभग 200 साल पुरानी बाबा बल्लभ दास की कुटी आस्था का बड़ा केंद्र है. मान्यता है कि यहां खेत जोतते समय बाबा के बैल खुद-ब-खुद हल चलाने लगे थे, जिसे देखकर लोग चकित रह गए. आज भी हर मंगलवार यहां मेला और भंडारे का आयोजन होता है, जहां दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने और आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं.

गोंडा. जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोनावा में स्थित बाबा बल्लभ दास की कुटी लगभग 200 साल पुरानी है और इसे क्षेत्र के लोगों के बीच गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है. बाबा बल्लभ दास का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था, और वे शुरुआती समय में स्थानीय जमींदार मुबारक अली के यहां मजदूरी करते थे. लोकल 18 से बातचीत के दौरान कुटी के महंत रामरतन दास के अनुसार, एक दिन खेत में हल चलाते समय बल्लभ दास भगवान का ध्यान कर रहे थे, और तभी चमत्कार हुआ उनके बैल खुद-ब-खुद हल चलाने लगे. यह घटना देख गांव वाले हैरान रह गए. जब यह बात जमींदार मुबारक अली को बताई गई, तो उन्होंने खुद खेत में जाकर देखा तो उनको दो बल्लभ दास दिखाई दे रहे थे एक खेत के बगल बैठकर भजन कीर्तन कर रहे थे और दूसरे बैल से खेत की जुताई कर रहे थे. इस चीज को देखकर मुबारक अली हैरान हो गए थे. बल्लभ दास को मजदूरी से मुक्त कर दिया और भजन-कीर्तन में लगने के लिए डेढ़ एकड़ जमीन उनके नाम कर दी. इसके बाद, संत बल्लभ दास का नाम पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध हो गया और आज भी उनकी कुटी पर हर मंगलवार हजारों भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, जहां वे प्रसाद ग्रहण करते हैं और आशीर्वाद पाते हैं. यह घटना लगभग 200 से 25 वर्ष पहले की बताई जा रही है.

कब-कब लगता है मेला

रामरतन दास बताते हैं कि बल्लभ दास कुटी पर प्रत्येक मंगलवार को मेले का आयोजन होता है और यहां पर प्रत्येक मंगलवार को भंडारे का आयोजन भी किया जाता है. यह अभी मानना है कि यहां का प्रसाद ग्रहण करना बहुत ही लाभकारी माना जाता है, यदि आप किसी समस्या से परेशान है और यहां पर भंडारे में शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं तो आपकी मनोकामना पूर्ण होती है.  राम रतन दास बताते हैं कि यहां पर देवीपाटन मंडल के और अयोध्या बस्ती बाराबंकी के अलावा देश प्रदेश से श्रद्धालु आते हैं, क्योंकि यह स्थान पृथ्वी नाथ से मात्र 4 किलोमीटर दूरी पर स्थित है इसलिए जो श्रद्धालु पृथ्वी नाथ दर्शन करने आते हैं वह बल्लभ दास कुटी पर भी आते हैं.

मोती सागर तालाब का धार्मिक महत्व

बल्लभ दास कुटी परिसर में मोती सागर तालाब स्थित है, जिसका धार्मिक महत्व है. बाबा बल्लभ दास इसी तालाब में स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना करते थे. यह तालाब लगभग नौ बीघा में फैला हुआ है और यहां भक्तों की अपार भीड़ उमड़ती है. हर मंगलवार लाखों श्रद्धालु यहां आकर भगवान राम, बजरंगबली, और माता के दर्शन करते हैं. मान्यता है कि यहां आकर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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