गोंडा के अनिल सिंह भदौरिया हर साल अपनाते हैं जरूरतमंद बेटियां, पढ़े पूरी खबर
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गोंडा के अनिल सिंह भदौरिया ने समाज के सामने अनोखी मिसाल पेश की है. वे अपनी बेटी के जन्मदिन पर हर साल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बच्चियों को गोद लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई और जरूरतों की जिम्मेदारी उठाते हैं. अब तक वे करीब 45 बेटियों को सहारा दे चुके हैं और आगे एक स्कूल खोलने की भी योजना बना रहे हैं.
गोंडा. जिले के रहने वाले अनिल सिंह भदौरिया ने समाज के लिए एक मिसाल पेश की है. जहां लोग अपने बच्चों का जन्मदिन केक काटकर मनाते हैं, वहीं अनिल सिंह भदौरिया अपनी बेटी के जन्मदिन को खास बनाने के लिए जरूरतमंद लड़कियों को गोद लेते हैं और उनकी जिम्मेदारी उठाते हैं. अनिल सिंह भदौरिया हर साल अपनी बेटी के जन्मदिन पर एक या अधिक लड़कियों को गोद लेते है. यहां गोद लेने का मतलब यह है कि वे उन लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई, कपड़े और अन्य जरूरी जरूरतों का खर्च उठाते हैं. उनका उद्देश्य उन बच्चियों को बेहतर भविष्य देना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं.
अनिल सिंह भदौरिया बताते हैं कि मेरी बेटी का पहला बर्थडे था और हमारे घर में काम करने वाली आंटी की बच्ची हमारे बच्चे को देख रही थी और वह काफी खुश थी. तो हमने सोचा क्यों ना जन्मदिन पर उन बच्चियों को गोद लिया जाए, जिनके परिवार आर्थिक स्थिति से कमजोर हैं. बस वहीं से हमने बच्चियों को गोद लेने की मुहिम शुरू की. इस समय हम लगभग 40 से 45 बच्चियों को गोद ले चुके हैं आगे और लेने की प्लानिंग चल रही है.
शुरू में कितने को लिए थे गोद
अनिल सिंह भदौरिया बताते है की जब हमने इस मुहिम की शुरुआत की तो उस समय हम दो बच्चियों को गोद लिए थे और इस समय हम लगभग 45 बच्चियों को गोद ले चुके हैं आगे और बच्चियों को गोद लेना है. अनिल सिंह भदौरिया का कहना है कि बेटियां किसी से कम नहीं होती, बस उन्हें सही मौका और सहारा मिलना चाहिए. कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों को पढ़ा नहीं पाते. ऐसे में अगर कोई थोड़ा सा सहयोग कर दे, तो इन बेटियों का भविष्य संवर सकता है. यही सोच उन्हें हर साल इस नेक काम के लिए प्रेरित करती है.
इस पहल का असर अब समाज में भी दिखने लगा
अनिल सिंह भदौरिया से प्रेरित होकर कई लोग आगे आ रहे हैं और बेटियों की मदद करने के लिए तैयार हो रहे हैं. कुछ लोग आर्थिक मदद दे रहे हैं, तो कुछ लोग पढ़ाई में सहयोग कर रहे हैं. इससे एक सकारात्मक माहौल बन रहा है, जहां बेटियों को आगे बढ़ाने की बात हो रही है. जिन बेटियों को अनिल ने गोद लिया है, उनमें से कई अब अच्छी पढ़ाई कर रही हैं और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. कुछ बच्चियां डॉक्टर, टीचर और अफसर बनने का सपना देख रही हैं. अनिल का मानना है कि अगर ये बेटियां आगे बढ़ेंगी, तो समाज भी आगे बढ़ेगा.
गोंडा के अनिल सिंह भदौरिया की यह पहल ये साबित करती है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो एक व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है. उनकी यह सोच और काम उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो समाज के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं. अनिल सिंह भदौरिया बताते हैं कि भविष्य में हमारा यह प्लान है कि शिक्षा और स्वास्थ्य सही होना चाहिए और हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द ही हम एक अपने एक निजी स्कूल को संचालित करें जिसमें जरूरतमंद बेटियां शिक्षा ले सके. बेटिया बताती है कि हमको अनिल सिंह भदौरिया द्वारा अच्छी शिक्षा मिल रही है आगे चलकर हमको डॉक्टर और पुलिस बनना है. हमारा सपना है कि हम डॉक्टर पुलिस अधिकारी बनकर लोगों की मदद कर सके.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें