घर में खड़ी है अर्टिका-फरारी, फिर भी राशन की लाइन में लग रहे हैं! होगा एक्शन
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Jaunpur News: जौनपुर जिले में लगभग 34 लाख 95 हजार लोगों को राशन का वितरण किया जाता है. इसमें कुल 8 लाख 31 हजार परिवार पंजीकृत हैं, जो सरकार की योजना के तहत सस्ते दरों पर खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं. लेकिन इनमें से कुछ अपात्र हैं और फिर भी योजना का लाभ ले रहे हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग एक्शन की तैयारी में है.
जौनपुर: जनपद में सरकारी राशन वितरण को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक तरफ जरूरतमंद लोगों को सस्ते गल्ले की सुविधा दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ संपन्न परिवार भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं. खास बात यह है कि कई ऐसे परिवार चिन्हित किए गए हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन (कार) होने के बावजूद वे सरकारी राशन ले रहे हैं.
जिला पूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि जौनपुर जिले में लगभग 34 लाख 95 हजार लोगों को राशन का वितरण किया जाता है. इसमें कुल 8 लाख 31 हजार परिवार पंजीकृत हैं, जो सरकार की योजना के तहत सस्ते दरों पर खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं.
सॉफ्टवेयर डाटा के आधार पर सूची तैयार
उन्होंने बताया कि National Informatics Centre (NIC) के माध्यम से प्राप्त सॉफ्टवेयर डाटा के आधार पर एक सूची तैयार की गई है, जिसमें 5061 परिवार ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जिनके पास चार पहिया वाहन होने की संभावना है. यह स्थिति नियमों के खिलाफ मानी जा रही है, क्योंकि पात्रता मानकों के अनुसार आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों को इस योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए.
इन लोगों का कार्ड होगा निरस्त
अधिकारी ने कहा कि इन सभी परिवारों की भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक चिन्हित परिवार की मौके पर जाकर जांच करें और सही स्थिति की पुष्टि करें. जांच के दौरान यदि यह पाया जाता है कि परिवार वास्तव में अपात्र है, तो उसका नाम सूची से हटाया जाएगा और राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा.
वास्तविक जरूरतमंदों के साथ होगा न्याय
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बनाए रखना और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना है. कई बार देखा गया है कि पात्र लोगों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता, जबकि अपात्र लोग गलत तरीके से सुविधा का लाभ उठा लेते हैं. ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. इस खबर के सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है. जिन परिवारों के नाम सूची में शामिल हैं, उनमें चिंता का माहौल है. वहीं आम जनता भी इस कार्रवाई का समर्थन कर रही है और उम्मीद कर रही है कि इससे गरीबों का हक सुरक्षित रहेगा.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.