चाइल्ड पोर्नाेग्राफी वीडियो बेचने का आरोप, लखनऊ के युवक पर मुकदमा दर्ज, हैदराबाद से मिला इनपुट
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Lucknow News: चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी वीडियो बेचने के आरोप में आलमबाग थाने में एक युवक के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. आरोपी की पहचान डीजल कॉलोनी निवासी मनराज मीणा के रूप में हुई है. यह कार्रवाई तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो, हैदराबाद से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई.
लखनऊ: इंटरनेट मीडिया के जरिए चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी वीडियो बेचने के गंभीर आरोपों में आलमबाग थाने में एक युवक के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. आरोपी की पहचान डीजल कॉलोनी, आलमबाग निवासी मनराज मीणा के रूप में हुई है. यह कार्रवाई तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो हैदराबाद से प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई है. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है.
आलमबाग थाने के अनुसार तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो ने 15 सितंबर को डीजी साइबर क्राइम को एक पत्र भेजकर दो मोबाइल नंबरों से इंटरनेट मीडिया पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित वीडियो और फोटो अपलोड व बिक्री किए जाने की आशंका जताई थी. शिकायत में एक मोबाइल नंबर और एक आईडी का उल्लेख किया गया था, जिनके माध्यम से अवैध सामग्री प्रसारित किए जाने का आरोप था. डीजी साइबर क्राइम बिनोद कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर क्राइम सेल ने मामले की जांच शुरू की.
जांच के दौरान साइबर क्राइम सेल में तैनात दारोगा इंद्रपाल सिंह ने संबंधित टेलीकॉम कंपनी को पत्र भेजकर मोबाइल नंबरों की जानकारी मांगी. सिम के ग्राहक आवेदन पत्र (कैफ) के आधार पर पता चला कि दोनों मोबाइल नंबर हरिकेश मीणा, निवासी डीजल कॉलोनी आलमबाग, के नाम पर पंजीकृत हैं. इसके बाद नंबर धारक हरिकेश मीणा को आलमबाग कोतवाली बुलाया गया. पूछताछ के दौरान हरिकेश के साथ उनका बेटा मनराज मीणा भी थाने पहुंचा.
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल मनराज मीणा ही कर रहा था. पुलिस ने जब मोबाइल फोन की जांच की तो संदिग्ध चैट और पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की बात कही गई. इन तथ्यों के आधार पर साइबर क्राइम सेल की ओर से एक रिपोर्ट तैयार कर एसीपी साइबर सेल के माध्यम से आलमबाग कोतवाली भेजी गई.
इसके बाद बीट प्रभारी बरहा उपनिरीक्षक अवनीश कुमार ने आलमबाग थाने में मनराज मीणा के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया. आलमबाग पुलिस के अनुसार इस मामले की जांच सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. हालांकि फिलहाल पर्याप्त ठोस साक्ष्य न मिलने के कारण आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और उसे हिदायत देकर छोड़ा गया है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि पुख्ता सबूत सामने आते हैं तो आगे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साइबर अपराधों, विशेषकर बच्चों से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस गंभीर है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें