‘जी चाहता है उड़कर पापा के पास पहुंच जाऊं’, पंकज चौधरी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बोलीं बिटिया

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‘जी चाहता है उड़कर पापा के पास पहुंच जाऊं’, पंकज चौधरी के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने पर बोलीं बिटिया


मेरठ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अहम बदलाव के साथ भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है. पंकज चौधरी के यूपी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद जहां पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह और जश्न का माहौल है, वहीं उनके परिवार में भी खुशी देखते ही बन रही है. यह उपलब्धि सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए गर्व और भावनाओं से भरा पल बन गई है.

पंकज चौधरी का पारिवारिक रिश्ता मेरठ से जुड़ा हुआ है. क्योंकि उनकी बेटी की शादी मेरठ में हुई है और इस समय उनकी बिटिया वहीं मौजूद हैं. प्रदेश अध्यक्ष बनने की खबर के बाद से ही परिवार और रिश्तेदारों की तरफ से लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है.
भावुक नजर आई पंकज चौधरी की बेटी श्रुति
न्यूज 18 से खास बातचीत में पंकज चौधरी की बेटी श्रुति ने अपनी भावनाएं साझा कीं. श्रुति ने बताया कि वह आज लखनऊ नहीं जा सकीं, लेकिन जल्द से जल्द अपने पापा से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं देना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि अगर बस चले तो वह उड़कर अपने पापा के पास पहुंच जाएं.

श्रुति ने अपने पिता के स्वभाव के बारे में बताते हुए कहा कि पापा हमेशा बेहद सरल और शालीन रहे हैं. उन्होंने उन्हें और उनके भाई को भी हमेशा सादगी, विनम्रता और जमीन से जुड़े रहकर जीवन जीने की सीख दी है. श्रुति का कहना है कि उनके पापा कभी दिखावे में विश्वास नहीं करते और हमेशा काम को प्राथमिकता देते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए पल याद किए
श्रुति ने उस समय को भी याद किया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके घर गोरखपुर आए थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए गए पल आज भी उनके लिए बेहद खास हैं. श्रुति ने बताया कि पीएम मोदी की सादगी ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया.

उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री उनके घर आए थे तो उन्होंने बेहद सरल अंदाज में पूछा था कि क्या जूते उतारकर अंदर आना है. श्रुति ने कहा कि इतना बड़ा पद होने के बावजूद पीएम मोदी की सादगी और अपनापन देखकर वह हैरान रह गई थीं. उनके मुताबिक, उन्होंने पीएम मोदी जैसा सरल और सहज व्यक्ति पहले कभी नहीं देखा.

समधन कविता ने भी दी बधाइयां
पंकज चौधरी की समधन कविता ने भी परिवार की खुशी साझा की. उन्होंने कहा कि पूरे परिवार में बेहद खुशी का माहौल है. कविता ने बताया कि सभी लोग कल सुबह दिल्ली जाएंगे और वहां जाकर सभी से मिलकर शुभकामनाएं देंगे.

एक समधन के तौर पर पंकज चौधरी के स्वभाव का जिक्र करते हुए कविता ने कहा कि वह बहुत कम बोलते हैं, लेकिन जब बोलते हैं तो गागर में सागर भर देते हैं. उनका हर वाक्य सोच-समझकर कहा गया होता है और सामने वाला बहुत कुछ समझ जाता है.



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