तालाबों की तैयारियां तेज,मार्गों पर अंधेरा टूटी सड़कें बनी व्रतियों की चुनौती
चंदौली लोक आस्था का महापर्व 4 दिवसीय छठ शनिवार से शुरू हो चुका है. इसकी तैयारियां तेज हो गई है. पूजा समितियां तालाबों के तटों की सफाई और प्रकाश व्यवस्था में जुटी हैं. लेकिन नगर के आसपास के 6 से अधिक तालाबों तक पहुंचने वाले मार्ग पर लाइट की व्यवस्था नहीं है. इससे व्रतियों और उनके परिजनों को दिक्कत होगी. इन तालाबों पर लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचेंगे.
मुगलसराय में मानसरोवर तालाब, माल गोदाम पोखरा, तिनकोनिया पोखरा, अलीनगर राम जानकी पोखरा, मुगल चक तालाब सहित अन्य तालाबों तक पहुंचने वाले मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई है, ऐसे में 27 अक्टूबर की शाम और 28 अक्टूबर की भोर में अर्घ्य देने जाने वाली व्रतियों को परेशानी होगी. यही हाल सड़कों का भी है. क्षतिग्रस्त सड़कें व्रतियों की कठिन परीक्षा लेंगी.
नंगे पैर घाटों पर पहुंचती हैं व्रती
4 दिवसीय व्रत के तीसरे दिन व्रती घर से नंगे पैर परिवार सहित सरोवर तटों पर पहुंचती हैं और यहां अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देकर रात में वापस लौटते हैं. वहीं, चौथे दिन भोर में ही सरोवर तटों पर पहुंच कर उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करते हैं. इसकी तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी जाती है. प्रशासन तालाबों आदि का निरीक्षण कर पर्व की तैयारियां मुकम्मल होने का दावा कर रहा है.
70 हजार श्रद्धालुओं की होती है भीड़
पूजा समितियां भी तालाबों की सफाई कर रही हैं और तालाब के आस पास विद्युत झालरों की सजावट की है, लेकिन गंगा घाट और तालाबों तक पहुंचने वाले मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं है. इस ओर किसी का ध्यान नहीं है. मुगलसराय में सबसे अधिक व्रतियों की भीड़ मान सरोवर तालाब, मालगोदाम पोखरा, दामदोदर दास पोखरा, मुगलचक, अलीनगर राम जानकी पोखरा, प्लांट डिपो आदि तालाबों पर होती है. मान सरोवर तालाब पर लगभग 20 हजार लोग पहुंचते हैं. इसी तरह दामोदर दास पोखरा पर 5 हजार लोग पहुंचते हैं. मालगोदाम पोखरा पर भी 10 हजार लोग पहुंचते हैं. इसी तरह अलीनगर, मुगलचक, प्लांट डिपो सहित अन्य स्थानों पर लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ होती है.
सभी मार्गों पर रहेगा अंधेरा
इस तरह देखा जाए तो 27 की शाम और 28 अक्टूबर की सुबह एक लाख से अधिक लोग पीडीडीयू नगर के तालाबों के पास पहुंचेंगे और सभी अंधेरे में होकर जाएंगे. पड़ाव से गोधना तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है. इस दौरान सड़क की लाइट हटा ली गई, ऐसे में 11 किलोमीटर के सड़क पर अंधेरा है, ऐसे में दामोदर दास पोखरा, मानसरोवर तालाब, मुगलचक, अलीनगर पोखरे तक अंधेरे में जाना होगा. यही हाल मुगलसराय बाजार से चहनिया जाने वाले मार्ग पर है. आरपीएफ कॉलोनी में स्थित मालगोदाम पोखरा जाने वाले मार्ग पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं है. रेलवे के डीआरएम आफिस होते हुए प्लांट डिपो जाने वाले मार्ग पर अंधेरा रहेगा, ऐसे में घोघारी बाबा मंदिर के पास तालाब तक पहुंचना मुश्किल है.
सिर्फ अंधेरा नहीं बल्कि खराब भी सड़कें
छठ घाट पहुंचने वाले भक्तों की परीक्षा सिर्फ अंधेरा नहीं बल्कि खराब सड़कें भी लेंगी. मालगोदाम पोखरा जाने वाले मार्ग की हालत खस्ता है. यही हाल अलीनगर, मुगलचक तालाब जाने वालों की भी है. यही नहीं पीडीडीयू नगर के अंदर मुहल्लों की सड़क की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. चाहे बात सट्टी से काली महाल जाने वाले मार्ग की हो अथवा चंधासी, गिधौली, नई बस्ती, अलीनगर में मार्गों की बात हो, गड्ढे व्रतियों की परीक्षा लेंगे.