तेज रफ्तार पर लगेगा ब्रेक, यमुना एक्सप्रेसवे पर नई व्यवस्था लागू, अब टोल पर ही थमाई जाएगी चालान पर्ची

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तेज रफ्तार पर लगेगा ब्रेक, यमुना एक्सप्रेसवे पर नई व्यवस्था लागू, अब टोल पर ही थमाई जाएगी चालान पर्ची


Yamuna Expressway News: यमुना एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसों के बाद अब प्रशासन सख्त कार्रवाई के मूड में आ गया है. ओवरस्पीड और लेन ड्राइविंग के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है. अब तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों का टोल प्लाजा पर ही चालान थमाया जाएगा. साथ ही, कोहरे को देखते हुए स्पीड लिमिट में भी बदलाव किया गया है. यह कदम मंगलवार को हुए भीषण हादसे के बाद मथुरा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

यमुना एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीड पर सख्ती
यमुना एक्सप्रेसवे पर ओवरस्पीड से चलने वाले वाहनों पर अब सीधे टोल प्लाजा पर कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन द्वारा गठित हादसा जांच समिति ने गुरुवार देर रात मांट टोल प्लाजा पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और टोल प्रबंधन को जल्द नई प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए. जांच समिति में शामिल एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में वाहन चालक लेन ड्राइविंग का पालन नहीं कर रहे हैं और ओवरस्पीड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं.

ANPR कैमरों से होगी निगरानी, 250 किमी स्पीड तक कैद होगा नंबर
एसपी देहात ने बताया कि फिलहाल एक्सप्रेसवे पर चालान की प्रक्रिया बेहद लचर है. अभी चालान होने के बाद 24 घंटे में पुलिस तक पहुंचता है, जिससे इसका कोई खास असर नहीं पड़ता. इस कमी को दूर करने के लिए एक्सप्रेसवे प्रबंधन को ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं. ये कैमरे 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले वाहन का भी नंबर कैद करने में सक्षम हैं. योजना यह है कि ओवरस्पीड वाहन को टोल पर ही चालान की पर्ची दी जाए और वही चालान तुरंत पुलिस सिस्टम पर भी अपडेट हो जाए.

KM-127 हादसे में सामने आईं बड़ी खामियां, पेट्रोलिंग और CCTV नाकाफी
जांच समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अगर यमुना एक्सप्रेसवे पर व्यवस्थाएं बेहतर होतीं तो मंगलवार को किलोमीटर 127 पर हुए हादसे की सूचना समय रहते मिल सकती थी. समिति ने पाया कि एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग गाड़ियों की संख्या कम है. सीसीटीवी कैमरे पर्याप्त नहीं हैं और हादसे की सूचना अक्सर आम लोगों पर निर्भर रहती है. इसी वजह से एक्सप्रेसवे अथॉरिटी को पुलिस के बाद हादसे की जानकारी मिल पाती है. समिति ने प्रबंधन को इन सभी कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए हैं.

IRTÉ की जांच में खुलासा, कोहरे में भी तेज रफ्तार से दौड़ रहे वाहन
इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रैफिक एजुकेशन (IRTE) की टीम शुक्रवार तड़के करीब 3:45 बजे हादसे वाली जगह पर पहुंची. टीम ने उस समय की दृश्यता, वाहनों की रफ्तार और ब्रेकिंग डिस्टेंस का आकलन किया. टीम को मिला कि अलसुबह भी वाहन तेज रफ्तार से चल रहे थे. दृश्यता लगभग वैसी ही थी जैसी हादसे के समय थी. कार और बसें भी लेन ड्राइविंग का पालन नहीं कर रही थीं. टीम ने यह भी जांचा कि तेज रफ्तार वाहन अचानक ब्रेक लगाने पर कितनी दूरी में रुकते हैं और सुरक्षित दूरी कितनी होनी चाहिए.

कोहरे के चलते बदली स्पीड लिमिट, प्रशासन अलर्ट मोड में
बता दें कि बीते मंगलवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण हादसे में 19 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. इसी को देखते हुए मथुरा जिला प्रशासन ने स्पीड लिमिट घटाने का फैसला लिया है.
छोटी गाड़ियां: अधिकतम 60 किमी/घंटा
बसें: अधिकतम 50 किमी/घंटा
ट्रक: अधिकतम 40 किमी/घंटा

स्पीड लिमिट तोड़ते ही कटेगा ऑनलाइन चालान
प्रशासन ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि स्पीड मापने वाले सॉफ्टवेयर में तुरंत बदलाव किया जाएगा. अब तय सीमा से तेज चलते ही वाहन का ऑनलाइन चालान अपने आप कट जाएगा. कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों से हर वाहन की रफ्तार पर नजर रखी जाएगी.



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