देसी खाद का कमाल! चार बीघा में लगाया कुकरेजा आलू, एक सीजन में लाखों की कमाई
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Rampur news: खेती में ज्यादातर देसी खाद का ही इस्तेमाल किया गोबर की खाद और जैविक तरीकों से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और फसल भी मजबूत होती है. उनका मानना है कि देसी खाद से मिट्टी की सेहत खराब नहीं होती और लंबे समय तक खेती के लिए जमीन उपजाऊ बनी रहती है. यही वजह है कि उनकी फसल में बीमारी और कीटों का असर भी कम देखने को मिला.
रामपुर: रामपुर के किसानों के लिए कुकरेजा राज आलू की खेती जबरदस्त मुनाफ़ा दे रही है. खास बात यह है कि इसमें ज्यादा महंगे केमिकल या उर्वरकों की जरूरत नहीं पड़ती. जिले के किसान शंकर देसी खाद का इस्तेमाल कर इस खास किस्म के आलू की जबरदस्त पैदावार ले रहे हैं.
किसान शंकर local18 से बताते हैं कि उन्होंने इस बार करीब 4 बीघा जमीन में कुकरेजा राज आलू की खेती की है. फसल की कटाई इस समय चल रही है और उत्पादन देखकर वे काफी खुश हैं. उनके मुताबिक एक बीघा जमीन से करीब 30 क्विंटल तक आलू का उत्पादन मिल रहा है. जो सामान्य आलू की खेती से ज्यादा है. अच्छी पैदावार के साथ बाजार में इस आलू को बेहतर दाम भी मिल रहे है जिससे किसानों को सीधा फायदा हो रहा है.
देशी खाद का किया इस्तेमाल
शंकर का कहना है कि उन्होंने खेती में ज्यादातर देसी खाद का ही इस्तेमाल किया गोबर की खाद और जैविक तरीकों से जमीन की उर्वरता बनी रहती है और फसल भी मजबूत होती है. उनका मानना है कि देसी खाद से मिट्टी की सेहत खराब नहीं होती और लंबे समय तक खेती के लिए जमीन उपजाऊ बनी रहती है. यही वजह है कि उनकी फसल में बीमारी और कीटों का असर भी कम देखने को मिला.
एक सीजन में कमाए एक लाख
खर्च की बात करें तो किसान के अनुसार इस फसल को तैयार करने में ज्यादा लागत नहीं आई. बीज, खाद और सिंचाई समेत पूरा खर्च निकालने के बाद उन्हें करीब 25 हजार रुपये प्रति बीघा की बचत हुई. इस हिसाब से 4 बीघा खेती से उन्हें लगभग एक लाख रुपये तक का सीधा मुनाफा हुआ. किसान का कहना है कि अगर मौसम साथ दे और बाजार भाव सही मिल जाए तो यह फसल किसानों की आमदनी बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकती है. कुकरेजा राज आलू की खासियत यह भी है कि इसकी गुणवत्ता अच्छी होने की वजह से बाजार में इसकी मांग बनी रहती है व्यापारी भी इस किस्म के आलू को खरीदने में दिलचस्पी दिखाते हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें