ध्वजारोहण के बाद अयोध्या से आई रात की पहली तस्वीर, देखते ही रोम-रोम हो जाएगा राममय
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Ayodhya Dhwajarohan: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भव्य ध्वजारोहण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयं संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा किया गया. इस दौरान अलग-अलग जगहों से लोगों को आमंत्रित किया गया था.देश के कोने-कोने से साधु-संत मौजूद था. मंगलवार को पूरे देशभर में लोगों की नजर अयोध्या पर थी और पूरा देश राममय हो गया था. ध्वजारोहण के कार्यक्रम के बाद अब अयोध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए. इस दौरान बहुत ही भव्य और खूबसूरत तस्वीर जारी की गई है.
अयोध्या में श्री राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में 500 से अधिक स्थानीय कलाकारों ने मनभावन प्रस्तुति दी. मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. बयान के अनुसार, अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भव्य ध्वजारोहण से जुड़े समारोह को लेकर पावन नगरी उल्लास में डूबी रही. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति वाले इस ऐतिहासिक आयोजन पर उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक आयोजन ने रामनगरी को दिव्यता के आलोक से आलोकित किया.

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के हवाले से कहा गया कि संस्कृति विभाग की ओर से 24 और 25 नवंबर को विभिन्न विधा के स्थानीय कलाकारों ने मनभावन प्रस्तुतियां दी. प्रधानमंत्री के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के मंत्र को साकार करते हुए अयोध्या के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग विधाओं की सांस्कृतिक झलकियां निरंतर गूंजती रहीं, जो शहर की प्राचीन परंपराओं को नए आयाम देती दिखाई दीं. ध्वजारोहण के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी. अयोध्या धाम में अलग-अलग मंच पर ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों की विविध लोक परंपराओं का संगम देखने को मिला। मथुरा से मयूर लोक नृत्य, झांसी से राई लोक नृत्य, अयोध्या से फरुवाही, बधावा और करवाहा लोकनृत्य, लखनऊ से अवधी, सोनभद्र से करमा और बारह सिंहा, प्रयागराज से ढेढ़िया, आजमगढ़ से धोबिया, गोरखपुर के वनटांगिया लोकनृत्य में कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी.

राम मंदिर के शिखर पर मंगलवार को ध्वजारोहण को साधु-संतों ने भावपूर्ण, ऐतिहासिक और सनातन गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि इसकी कल्पना उनके पूर्वजों ने सदियों पहले की थी. ध्वजारोहण समारोह में उपस्थित संतों ने कहा कि यह धार्मिक क्षण ही नहीं, बल्कि सनातन आस्था की वैश्विक प्रतिष्ठा का साक्ष्य है. संतों ने इसे उस संघर्षपूर्ण यात्रा का फल बताया जिसमें संतों, भक्तों और समाज ने सैकड़ों वर्षों तक अदम्य धैर्य और आस्था का परिचय दिया. साधु-संतों ने कहा कि धर्म ध्वजा का आरोहण भारतवर्ष की आध्यात्मिक विरासत को और भी मजबूत करता है तथा संपूर्ण विश्व में सनातन आस्था की महिमा को प्रखरता से स्थापित करता है.
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राम वैदेही मंदिर के संत दिलीप दास ने कहा कि अयोध्या मिशन के अंतर्गत सनातन संस्कृति का जिस प्रकार पुनरुद्धार हुआ है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धर्म की रक्षा और स्थापना के उद्देश्य से सतत प्रयासरत बताया. संत दिलीप दास ने कहा कि योगी केवल एक मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि धर्म परंपरा की रक्षा के प्रहरी भी हैं. विवाह पंचमी के अवसर पर आयोजित इस समारोह में साधु- संतों ने श्रीराम और माता जानकी के विवाह पर्व के उपलक्ष्य में पूजन अर्चन भी किया.

राम वैदेही मंदिर के संत दिलीप दास ने कहा कि अयोध्या मिशन के अंतर्गत सनातन संस्कृति का जिस प्रकार पुनरुद्धार हुआ है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धर्म की रक्षा और स्थापना के उद्देश्य से सतत प्रयासरत बताया. संत दिलीप दास ने कहा कि योगी केवल एक मुख्यमंत्री ही नहीं बल्कि धर्म परंपरा की रक्षा के प्रहरी भी हैं. विवाह पंचमी के अवसर पर आयोजित इस समारोह में साधु- संतों ने श्रीराम और माता जानकी के विवाह पर्व के उपलक्ष्य में पूजन अर्चन भी किया.