नींद में थी ट्रेन में सवारी, सिग्लन हुआ फेल, बेपटरी हुई ट्रेन, मची चीख पुकार
नई दिल्ली. ट्रेन नंबर 14003 न्यू फरक्का एक्सप्रेस रायबरेली के आसपास से गुजर रही थी, ये ट्रेन मालदा टाउन से नई दिल्ली की ओर जा रही थी. सुबह 6.10 बजे हल्का-हल्का उजाला होना शुरू हुआ था. ट्रेन में ज्यादातर यात्री सोए हुए थे. कुछेक जगकर विंडो के पास बैठे थे. तभी तेज से झटका लगा. लोग समझ नहीं पाए कि क्या हुआ. और अगले पल चीख पुकार मच गयी. कुछ देर बाद लोगों को पता चला कि ट्रेन पटरी से उतर गयी है.
डिब्बों में फंस गए यात्री
हादसे में कुछ यात्री डिब्बों में फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ की टीमें लखनऊ और वाराणसी से बुलाई गईं. ड्रोन और लॉन्ग-रेंज कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया. इसके बाद कोच को काटकर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया.
36 घंटे तक चला बचाव कार्य
ट्रैक से उतरे कोचों को हटाने और रूट को बहाल करने में 36 घंटे का समय लग गया. इस दौरारन दिल्ली हावड़ा रेल लाइन बाधित रही. कई ट्रेनों को कैंसिल किया गया और तमाम ट्रेनों को दूसरे रूटों से डायवर्ट किया गया.
ट्रेन में ज्यादातर बिहार, पश्चिम बंगाल और यूपी के लोग
ट्रेन में सवार यात्रियों में ज्यादातर बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के थे, जो रोजगार या पारिवारिक कारणों से दिल्ली की ओर जा रहे थे. घायलों को हरचंदपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और रायबरेली जिला अस्पताल ले जाया गया और कुछ रेफर किया गया.
हादसे का कारण सिग्लन फेल
भारतीय रेलवे द्वारा जांच कमेटी बैठाई गयी. रिपोर्ट में कहा गया कि सिग्लन फेल होने से हादसा हुआ. ट्रेन गाइडिंग सिस्टम, जो एक ट्रैक से दूसरे पर स्विच करने में मदद करता है. तकनीकी खराबी की वजह से काम नहीं कर रहा था, जिससे सिग्नल फेल हो गया और ट्रेन गलत ट्रैक पर चली गयी और ट्रेन पटरी से उतर गई. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये का मुआवजा दिया था.