नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत: बिल्डर पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
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Yuvraj Mehta Death Case: ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत मामले में SIT की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. बिल्डर ने बेसमेंट की परमिशन लेकर 70 फ़ीट गड्ढा खोद दिया. SIT की जांच में बिल्डर की लापरवाही और नियम तोड़ने की वजह से हादसा होना माना है. अब SIT बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है.
नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत: बिल्डर पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
ग्रेटर नोएडा. नोएडा के सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी क्षेत्र में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. नोएडा अथॉरिटी ने विशेष जांच टीम (SIT) को महत्वपूर्ण जानकारी सौंपी है, जिसमें बिल्डर द्वारा अवैध खुदाई का खुलासा हुआ है. घटना नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में हुई, जहां बिल्डर ने एक बेसमेंट की मंजूरी लेकर उससे छह गुना अधिक गहराई तक खुदाई कर दी, जिससे पानी भर गया और हादसा हुआ.
जानकारी के अनुसार, स्पोर्ट्स सिटी का भूखंड नंबर 2 मूल रूप से लोटस ग्रीन बिल्डर को आवंटित किया गया था. बिल्डर ने केवल एक बेसमेंट के लिए नक्शा पास कराया था, लेकिन आरोप है कि उसने खनन विभाग से पहले 3 मीटर और फिर 5 मीटर की कुल 8 मीटर गहराई तक खुदाई की अनुमति (NOC) ली. हालांकि, मौके पर मंजूर नक्शे से छह गुना अधिक, यानी लगभग 70 फीट तक गड्ढा खोदा गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है. इस अवैध खुदाई के कारण गड्ढे में पानी जमा हो गया और 16 जनवरी की रात को युवराज मेहता की कार उसमें गिर गई, जिससे उनकी मौत हो गई.
लापरवाही की वजह से हादसा
मामले में पुलिस ने अब तक सिर्फ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से दो आरोपियों- लोटस ग्रीन बिल्डर से जुड़े कर्मचारियों- को जमानत मिल चुकी है. मुख्य आरोपी बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और SIT जांच में नोएडा अथॉरिटी की ओर से दी गई रिपोर्ट से साफ हो रहा है कि लापरवाही और नियम तोड़ने की वजह से यह हादसा हुआ. SIT अब बिल्डर, संबंधित अधिकारियों और अन्य पक्षों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही है.
बिल्डर के खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी
युवराज के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने लंबे समय से इस गड्ढे को खतरा बताते हुए बैरिकेडिंग और सुरक्षा उपायों की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस घटना ने निर्माण साइटों पर सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया है. SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर बिल्डर के खिलाफ और सख्त एक्शन की तैयारी है, जिसमें विभागीय कार्रवाई से लेकर कानूनी सजा तक शामिल हो सकती है. पुलिस और अथॉरिटी का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें