नौकरी नहीं मिली तो खेती को बनाया हथियार! 60 दिन में कमा रहे 2 लाख
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Gonda News: नौकरी की तलाश में असफल होने के बाद गोंडा के एक युवक ने खेती को अपना रास्ता बनाया. पारंपरिक खेती छोड़कर सीजनल सब्जियों, खासकर गोभी की खेती शुरू की और महज 60 दिनों में कम लागत से लाखों रुपये की आमदनी कर सफलता की मिसाल पेश की.
गोंडा : मेहनत, लगन और सही सोच के साथ की गई कोशिश कभी बेकार नहीं जाती.गोंडा जिले के एक युवक ने यह साबित कर दिखाया है कि असफलता भी सफलता की राह बन सकती है.कई प्रयासों के बाद जब उसे नौकरी नहीं मिली, तो उसने हिम्मत हारने के बजाय खेती को अपना सहारा बनाया.आज वही युवक सीजनल सब्जियों की खेती कर सालाना लाखों रुपये की कमाई कर रहा है.
पढ़ाई पूरी करने के बाद युवक ने कई जगह नौकरी के लिए आवेदन किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी.कुछ समय बेरोजगारी झेलने के बाद उसने अपने गांव की जमीन पर खेती शुरू करने का फैसला किया.उसने पारंपरिक खेती से हटकर सीजन के अनुसार सब्जियों की खेती अपनाई.इसमें टमाटर, मिर्च, भिंडी, लौकी, कद्दू और गोभी जैसी फसलें शामिल हैं.फिलहाल वह गोभी की खेती कर रहा है.
नहीं मिली नौकरी तो…
लोकल 18 से बातचीत में प्रगतिशील किसान जितेंद्र कुमार मौर्य बताते हैं कि उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की, इसके बाद नौकरी की तलाश की, लेकिन कुछ कारणों से नौकरी नहीं मिल पाई.इसके बाद उन्होंने खेती को ही अपना भविष्य बनाने का निर्णय लिया और आज वह एक सफल किसान हैं.जितेंद्र कुमार बताते हैं कि उनके पिता पहले से खेती करते थे, लेकिन वह पारंपरिक खेती तक सीमित थे.उन्होंने सब्जी की खेती को लेकर खुद रिसर्च की और फिर सीजनल सब्जियों की खेती शुरू की, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलने लगा.उनका कहना है कि इस समय गोभी की खेती के लिए मौसम काफी अनुकूल है।
60 दिन में 2 लाख की आमदनी
वह फूलगोभी और पत्ता गोभी मिलाकर करीब दो बीघा जमीन में खेती कर रहे हैं.इस पर आने वाली कुल लागत लगभग 14 से 15 हजार रुपये होती है.गोभी की यह खेती करीब 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है और रोपाई के दो महीने के भीतर बिक्री शुरू हो जाती है.जितेंद्र कुमार बताते हैं कि दो बीघा में गोभी की खेती से 60–70 दिनों में करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक की आय हो जाती है.उनका कहना है कि यदि किसान सीजन के अनुसार सब्जियों की खेती करें, तो कम खर्च में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.इसलिए किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर नए प्रयोग करने चाहिए.
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मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें