पति ने दिया छोड़…यासमीन ने नहीं मानी हार, शुरू किया यह काम, आज कमा रही लाखों, 12 महिलाओं को दे रही रोजगार
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Success Story: गोंडा की यासमीन बेगम ने पति के छोड़ने के बाद सिलाई बिजनेस शुरू किया. आज वह इस काम से लाखों रुपए काम रही हैं. वह 12 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं और अब “हिम्मत वाली औरत” के नाम से पहचानी जाती हैं.
गोंडा: कहते हैं अगर हौसला मजबूत हो तो कोई मुश्किल बड़ी नहीं होती. ऐसा ही कर दिखाया है गोंडा की एक महिला ने. पति के छोड़ देने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और खुद के पैरों पर खड़ा होने का फैसला किया. आज वह अपने सिलाई के बिजनेस से लाखों की कमाई कर रही हैं और कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं. यह कहानी है गोंडा जिले विकासखंड कटरा बाजार की रहने वाली यासमीन बेगम की. कुछ साल पहले उनके पति ने उन्हें और उनके चार बच्चियों को छोड़ दिया. शुरुआत में जिंदगी बहुत मुश्किल लग रही थी. न घर चलाने के पैसे थे, न कोई सहारा. लेकिन यासमीन बेगम ने तय किया कि वो किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी.
पहले दिन में दो से तीन कपड़े सिलती थीं, जिससे मुश्किल से घर चल पाता था. लेकिन जब मेहनत रंग लाने लगी, तो उन्होंने कुछ पैसे जोड़कर एक नई सिलाई मशीन खरीदी. फिर अपने घर के एक छोटे कमरे में ही सिलाई सेंटर खोल लिया. अब उनके साथ गांव की 10 से 12 अन्य महिलाएं भी काम करती हैं. आज यासमीन न सिर्फ खुद कमा रही हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे रही हैं. वे ब्लाउज, सूट, पेटीकोट, कुर्ता-पायजामा, बच्चों के कपड़े आदि सिलती हैं. त्योहारी सीजन में तो उनके पास इतने ऑर्डर आते हैं कि रात-दिन काम करना पड़ता है. अब उनकी मासिक आमदनी 40 से 50 हजार रुपये तक पहुंच गई है और सालभर में लाखों रुपये की इनकम हो जाती है.
यासमीन कहती हैं कि जब पति ने छोड़ा था, तब लगा था कि अब जिंदगी खत्म हो गई. लेकिन अब लगता है कि अगर इंसान ठान ले तो कुछ भी कर सकता है. उनकी मेहनत और लगन देखकर अब कई महिलाएं उनसे प्रेरणा ले रही हैं. आस-पास की लड़कियां उनके सेंटर में सिलाई सीखने आती हैं, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें. गोंडा जिले के लोग अब यासमीन बेगम को “हिम्मत वाली औरत” कहकर बुलाते हैं. उन्होंने साबित कर दिया है कि मुश्किल वक्त में भी अगर इंसान हिम्मत न हारे, तो वो अपनी किस्मत खुद लिख सकता है.
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में नई दुनिया अखबार से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों …और पढ़ें
पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में नई दुनिया अखबार से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों … और पढ़ें