पहले मेरठ, अब लखनऊ…आखिर क्यों क्राइम में इस्तेमाल हो रहा नीला ड्रम, एक्सपर्ट ने बताया राज
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पहले मेरठ और अब लखनऊ की घटना के बाद नीले ड्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं. चौधरी विश्वविद्यालय के फिजिक्स प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि नीले ड्रम के इस्तेमाल के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं, बल्कि बाजार में इसकी आसान उपलब्धता मुख्य वजह है. प्लास्टिक के ये ड्रम गहरे और मजबूत होते हैं, इसलिए दुरुपयोग की आशंका बढ़ती है.
मेरठ: लखनऊ में जिस प्रकार एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर अपराध छिपाने के लिए बॉडी को नीले ड्रम में छुपाया. उसके बाद से एक बार फिर देशभर में नीले ड्रम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं, आखिर अपराध में नीला ड्रम का ही क्यों उपयोग किया जाता है? क्या कोई साइंटिफिक कारण है कि लोग नीला ड्रम का ज्यादा उपयोग करने लगे हैं. इन बातों को ध्यान में रखते हुए लोकल 18 की टीम द्वारा चौधरी विश्वविद्यालय परिसर में संचालित फिजिक्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक प्रो. संजीव कुमार शर्मा से खास बातचीत की.
रंग नहीं आसानी से मिलना है प्रमुख कारण
लोकल-18 की टीम से खास बातचीत करते हुए प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि टेक्सटाइल से संबंधित विभिन्न चीजों पर लगातार शोध होता रहता है. लेकिन कभी भी नीले रंग को लेकर कोई वैज्ञानिक तथ्यात्मक रिसर्च की आवश्यकता नहीं पड़ी है. उन्होंने कहा नीले रंग की जब हम बात करते हैं, तो हमारा आसमान भी स्काई ब्लू होता है. जो कि हैप्पीनेस का प्रतीक माना जाता है. लेकिन वर्तमान समय में अपराधिक सोच वाले व्यक्तियों द्वारा घटनाओं में नीले रंग का उपयोग किया जा रहा है. उसका एक प्रमुख कारण यहीं है कि आसानी से नीला ड्रम बाजार में उपलब्ध हो जाता है. ऐसे में जो भी आपराधिक गतिविधियों में भाग लेते हैं, चाहे वह मुस्कान, साहिल हो या फिर लखनऊ में हुई घटना में नीले ड्रम का उपयोग किया गया है.
काउंसलिंग की है बेहद आवश्यकता
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की अगर विभिन्न घटनाओं का अध्ययन किया जाए. तो उसमें चाहे मुस्कान हो या लखनऊ में घटना को अंजाम देना वाला व्यक्ति इनके जो जानकारी का अनुसार लक्षण बताए जा रहे हैं उसमें कहीं ना कहीं सुधार की तरफ कार्य करने की आवश्यकता थी. इसलिए अगर किसी भी युवा में इस तरह की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है तो काउंसलिंग जरूर कराई जाए जिससे कि वह भविष्य में अपराधी गतिविधियों में शामिल न हो.
यह भी है महत्वपूर्ण बात
उन्होंने बताया कि जब किसी भी तरह की कोई भी आपराधिक घटना होती है. उसमें अगर किसी चीज का उपयोग करने लगे तो जो दूसरा अपराधिक व्यक्ति होता है, उसकी सोच भी उसी की तरफ इशारा करती है. नीले ड्रम की अगर बात की जाए तो इसका उपयोग इसलिए ज्यादा किया जाता है. क्योंकि इसमें आसानी से किसी भी कार्य को किया जा सकता है. यह इतना गहराई में होता है इसमें अगर किसी भी चीज को छुपाया जाए. तो जल्दी से किसी को शक नहीं होता है. इसलिए ही अपराधिक लोग इस तरह की गतिविधियों में प्रतिभाग कर रहे हैं. जबकि अपराध को छुपाया नहीं जा सकता है, अपराध का अंत हमेशा बुरा होता है.
बताते चलें कि बाजार में अगर आप जाएंगे तो आपको अन्य कलर के जहां एक-दो ड्रम ही मिल पाएंगे. वहीं अगर नील ड्रम आप खरीदना चाहते हैं. तो बड़ी संख्या हम आपको देखने को मिलेंगे. क्योंकि पहले जो लोहे की ड्रम चलते थे, उसको रिप्लेस करते हुए इन प्लास्टिक के ड्रम को बाजार में उतारा गया है. जिसमें कि केमिकल आधारित विभिन्न कार्य को आसानी से किया जा सकता है.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें