पापा को खींचकर ले जा रहा था मगरमच्छ, बेटे ने लिया डंडा, लगा धड़ाधड़ मारने, भाग गया पानी का हैवान
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आगरा जिले के झरनापुर हरलालपुर गांव के रहने वाले किसान वीरभान चाहर के बेटे अजयराज को यह सम्मान मिला है. पिता की जान बचाने वाली घटना साल 2025 की है. अजयराज के पिता वीरभान आगरा-धौलपुर सीमा क्षेत्र के चंबल नदी के किनारे पानी लेने गए थे.
आगराः बेटे को मौत के मुंह से पिता खींच लाता है, ऐसी कहानियां आपने बहुत सुनी होगी. लेकिन उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में जो हुआ, वो हैरान कर देने वाला था. एक बेटा अपने पिता को मगरमच्छ के जबड़े से बचाकर ले आता है. अब इस बच्चे की बहादुरी की चर्चा देशभर में हो रही है. क्योंकि खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसे सम्मानित किया है.
नदी में पिता को खींचने लगा था मगरमच्छ
आगरा जिले के झरनापुर हरलालपुर गांव के रहने वाले किसान वीरभान चाहर के बेटे अजयराज को यह सम्मान मिला है. पिता की जान बचाने वाली घटना साल 2025 की है. अजयराज के पिता वीरभान आगरा-धौलपुर सीमा क्षेत्र के चंबल नदी के किनारे पानी लेने गए थे. वहां उनके साथ उनका बेटा अजयराज भी था. इसी दौरान नदी में छिपे मगरमच्छ ने वीरभान के पैर को जबड़े में दबोच लिया और गहरे पानी की तरफ खींचने लगा. कुछ पल के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई.
पिता की जान बचाने के लिए नदी में कूद गया बेटा
मगरमच्छ जब वीरभान को पानी में खींचने लगा तो वीरभान की चीख सुनकर उनका बेटा अजयराज उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ा. अजयराज पहले घबराया. लेकिन पिता को मौत की मुंह में जाता देख उसने अपने डरको भगाया और नदी में कूद गया. इसके बाद वहीं बगल में पड़े मोटे डंडे से मगरमच्छ पर हमला करने लगा. अचानक हमला होता देख मगरमच्छ घबरा गया और वीरभान को छोड़कर वह गहरे पानी की ओर भाग निकला. इस घटना वीरभान गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला सम्मान
इसके बाद आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया गया. इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा था कि अगर थोड़ी देर भी हो जाती तो जान बचानी मुश्किल हो जाती. इस साहसिक घटना की चर्चा पूरे प्रदेश में हुई. बहादुरी और त्वरित निर्णय क्षमता को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में अजयराज को सम्मानित किया.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें