पुलिस की लगातार कार्रवाई से परेशान युवक ने लगाई फांसी, जेब से मिले सुसाइड नोट में चौंकाने वाला खुलासा
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Farrukhabad News: फर्रुखाबाद में पुलिस की कार्रवाई से परेशान होकर एक युवक ने सुसाइड कर लिया. युवक की जेब से सुसाइड नोट मिला, जिसमें साफ-साफ लिखा था कि पुलिस की लगातार कार्रवाई और दबिश से युवक परेशान था, जिसके कारण उसने जान देना सही समझा.
फर्रुखाबाद: थाना मेरापुर क्षेत्र के गांव मनानगला में एक युवक ने कथित तौर पर पुलिस की लगातार दबिश और प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली है. मृतक युवक एक पुराने मामले में वारंटी था, जिसके चलते पुलिस उसके घर पर बार-बार छापेमारी कर रही थी. आर्थिक तंगी और जमानत के लिए पैसे न होने से परेशान युवक ने बबूल के पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी. घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक युवक के खिलाफ किसी पुराने मामले में वारंट जारी था. पुलिस कुर्की की कार्रवाई के तहत उसके घर का सामान जब्त करने के लिए लिस्ट तैयार कर चुकी थी और घर पर लगातार दबिश दे रही थी. युवक के पास जमानत कराने के लिए भी पैसे नहीं थे, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था. परिजनों का आरोप है कि पुलिस की इस लगातार कार्रवाई और दबाव से तंग आकर युवक ने यह कदम उठाया.
मृतक की जेब से मिला सुसाइड नोट
घटना वाले दिन युवक घर से बाहर निकला और गांव के पास बबूल के एक पेड़ पर फांसी लगा ली. शव देखने वालों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी. मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से पुलिस प्रताड़ना को अपनी मौत का कारण बताया है. नोट में युवक ने लिखा है कि पुलिस की लगातार दबिश, कुर्की की धमकी और आर्थिक तंगी से वह इतना आहत हो गया कि जीने की इच्छा खत्म हो गई.
परिजनों ने बताया कि युवक पिछले कई दिनों से तनाव में था। पुलिस घर पर आकर दबिश देती थी, सामान की लिस्ट बनाकर ले जाती थी. जमानत के लिए कोर्ट जाना था, लेकिन पैसे की कमी से वह करा नहीं पाया. इस सबसे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया.
सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस की जांच
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है. थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारण पुलिस दबिश और आर्थिक तंगी सामने आ रहे हैं, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.