पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे खाली जमीनों में सहजन की खेती, इस किसान ने खोजी तगड़ी ट्रिक
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Drumsticks farming : आजमगढ़ के किसान राजेश यादव ने कमाल कर दिखाया है. सहजन की खेती ने उनकी किस्मत बदल दी है. उनके लिए ये सफर आसान नहीं रहा. खेत कम पड़ गए तो सड़क किनारे पड़ी खाली जमीनों पर खेती की सोची. लेकिन इसके लिए अधिकारियों की इजाजत चाहिए था, लेकिन जहां चाह वहां, रहा. किसान राजेश यादव लोकल 18 से बताते हैं कि जैसे-जैसे मांग बढ़ने लगी, उनकी खेती का दायरा भी बढ़ाने लगा. राजेश ने गांव के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे 5 किलोमीटर के दायरे में करीब 10000 सहजन के पौधे लगाए हैं.
आजमगढ़. सहजन की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ता जा रहा है. किसान इसे व्यावसायिक रूप से अपनाकर तगड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. मार्केट में इसकी जबरदस्त डिमांड है. आजमगढ़ का एक किसान करीब 10 हजार पेड़ों से सहजन की खेती से हर महीने लाखों की कमाई कर रहा है. आजमगढ़ के साथियांव ब्लॉक में रहने वाले किसान राजेश यादव लोकल 18 से बताते हैं कि वह इसकी खेती के लिए अपने खेतों के अलावा सरकारी जमीनों का भी उपयोग करते हैं. राजेश बताते हैं कि उन्होंने इसकी शुरुआत अपनी जमीन से की थी. जैसे-जैसे मांग बढ़ने लगी, उनकी खेती का दायरा भी बढ़ाने लगा.
महिलाओं को रोजगार
राजेश के मुताबिक, वह सहजन के उत्पादन के लिए अपने खेत के साथ-साथ गांव की बंजर और बेकार पड़ी जमीनों का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा, गांव से सटी सड़क के किनारे खाली पड़ी जगह पर भी सहजन के पौधे लगाए हैं. सहजन की खेती लिए उन्होंने सरकारी भूमि का इस्तेमाल करने के लिए गांव के प्रधान और क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क किया. उन्हें अधिकारियों का सहयोग मिल रहा है. इससे वह गांव की कई महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं.
क्या-क्या बनाते
राजेश यादव बताते हैं कि सहजन अपने औषधि गुणों के कारण जाना जाता है. यही कारण है कि इसकी मार्केट में डिमांड काफी है. गांव की महिलाओं के साथ मिलकर वे इससे कई प्रकार के प्रोडक्ट भी तैयार करते हैं. पाउडर, अचार और लड्डू भी बनाते हैं जो मार्केट में हाथोंहाथ बिकते हैं. उन्होंने गांव के समीप पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे तकरीबन 5 किलोमीटर के दायरे में करीब 10000 सहजन के पौधे लगाए हैं. इनमें से 8000 पौधे से उत्पादन मिलने लगा है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें