फर्जी FIR या झूठी गवाही…UP में ये अब जुर्म, दोषी पाए जाने पर पुलिस खुद लिखाएगी मुकदमा

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फर्जी FIR या झूठी गवाही…UP में ये अब जुर्म, दोषी पाए जाने पर पुलिस खुद लिखाएगी मुकदमा


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UP News : यूपी में फर्जी एफआईआर लिखाने वाले अब बच नहीं पाएंगे. झूठी गवाही देने वालों के साथ भी ऐसा ही होगा. ऐसे लोगों पर अब एफआईआर दर्ज होगी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने अपने मातहतों को निर्देश जारी कर दिए हैं. अब मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने के साथ विवेचक को शिकायतकर्ता पर केस दर्ज करना अनिवार्य होगा, अगर केस फर्जी पाया गया. हाईकोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिया है कि बीएनएस की धारा 212 और 217 (आईपीसी की 177 व 182) के तहत शिकायतकर्ता और झूठे गवाहों पर अनिवार्य रूप से केस दर्ज कराया जाए.

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डीजीपी राजीव कृष्ण ने अपने मातहतों को निर्देश जारी कर दिए हैं.

लखनऊ. फर्जी एफआईआर या झूठी गवाही देने वाले अब बच नहीं पाएंगे. ऐसे लोगों पर अब एफआईआर दर्ज होगी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं. मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाने के साथ विवेचक को शिकायतकर्ता पर केस दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस आदेश के बाद यूपी में फर्जी एफआईआर दर्ज कराने और झूठी गवाही देकर पुलिस और न्यायिक तंत्र के दुरुपयोग पर परिवाद दर्ज होगा. अगर विवेचना के बाद कोर्ट में पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल फाइनल रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) में यह पाया जाता है कि एफआईआर झूठी या दुर्भावनापूर्ण तथ्यों पर आधारित थी तो एफआईआर दर्ज कराने वाले और झूठी गवाही देने वाले के खिलाफ अलग से आपराधिक परिवाद दाखिल करना अनिवार्य होगा.

अगर पुलिस न मानी तब…
आदेश के मुताबिक, यदि पुलिसकर्मी ऐसा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. हाईकोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिया है कि बीएनएस की धारा 212 और 217 (आईपीसी की 177 व 182) के तहत शिकायतकर्ता और झूठे गवाहों पर अनिवार्य रूप से केस दर्ज कराया जाए. इसके बाद डीजीपी ने बीएनएसएस की धारा 215 के तहत ऐसे मामलों में कोर्ट में परिवाद दाखिल करने के निर्देश दिए हैं.

इन पर शिकंजा
जिन गवाहों का ई-साक्ष्य पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज होगा, सिर्फ उन पर कार्रवाई की जाएगी. डीजीपी ने जिला कप्तानों को ऐसे मामलों की हर तीन महीने पर समीक्षा करने के भी निर्देश दिए. अदालत के आदेश में विशेष रूप से झूठी सूचना देने और गुमराह करने से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है. उच्चाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए है कि सभी विवेचकों से इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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