फिजिक्स के पेपर में लगता है डर, तो एक्सपर्ट के इन फॉर्मूलों से करें तैयारी और पाएं अच्छे नंबर
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सीनियर फिजिक्स फैकल्टी नबी हसन बताते हैं कि इस समय बच्चों में जो घबराहट है, वह ज़्यादातर बोर्ड एग्ज़ाम को लेकर है. खासकर 10वीं और 12वीं के बच्चे, और उनमें भी 12वीं के स्टूडेंट फिजिक्स को लेकर ज़्यादा कन्फ्यूज रहते हैं कि तैयारी कैसे करें.
अलीगढ़: बोर्ड परीक्षाएँ नज़दीक आते ही फिजिक्स सब्जेक्ट अधिकांश छात्रों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन जाती है. सही दिशा में पढ़ाई न होने के कारण बच्चों में घबराहट और कन्फ्यूजन बढ़ जाता है. ऐसे समय में अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और सलाह ही उन्हें सही रणनीति और आत्मविश्वास दे सकती है. इसलिए, लोकल 18 की टीम ने अलीगढ़ के सीनियर फिजिक्स फैकल्टी नबी हसन से खास बातचीत की.
फिजिक्स की तैयारी कैसे करें
जानकारी देते हुए अलीगढ़ की ड्यूटी सोसाइटी कोचिंग में सीनियर फिजिक्स फैकल्टी नबी हसन बताते हैं कि इस समय बच्चों में जो घबराहट है, वह ज़्यादातर बोर्ड एग्ज़ाम को लेकर है. खासकर 10वीं और 12वीं के बच्चे, और उनमें भी 12वीं के स्टूडेंट फिजिक्स को लेकर ज़्यादा कन्फ्यूज रहते हैं कि तैयारी कैसे करें. बोर्ड एग्ज़ाम की तैयारी के कुछ बहुत आसान तरीके हैं. सबसे पहले स्टूडेंट को चाहिए कि वह अपने सिलेबस को बहुत ध्यान से पढ़ें कि उसमें क्या-क्या शामिल है. इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण है कि वह NCERT को फॉलो करे. NCERT में दिए हुए डेरिवेशन्स सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि CBSE बोर्ड ज़्यादातर वहीं से पूछता है. पिछले साल भी डेरिवेशन ही ज़्यादा पूछे गए थे. इसलिए तैयारी में डेरिवेशन और उनसे जुड़े न्यूमेरिकल दोनों करना जरूरी है.
एग्ज़ाम में लिखने का तरीका भी बहुत मायने रखता है
सीनियर फैकल्टी नबी हसन बताते हैं कि एग्ज़ाम में लिखने का तरीका भी बहुत मायने रखता है. जब कोई टॉपिक पूछा जाए. जैसे टॉर्क या इलेक्ट्रिक डाइपोल, तो सबसे पहले उसकी डेफिनिशन लिखें, फिर साफ-सुथरा डायग्राम बनाएं, उसके बाद डायरेक्शन्स, यूनिट्स और डाइमेंशन्स लिखें.
इस तरह लिखने से बच्चे बहुत आसानी से अच्छे नंबर ला सकते हैं. साथ ही बच्चों का कॉन्फिडेंस लेवल भी बढ़ेगा. बोर्ड एग्जाम के लिए बच्चे अगर इन टिप्स को फॉलो करते हैं तो वह फिजिक्स के पेपर में अच्छे मार्क्स लाकर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं.