बड़ी ही कमाल की है मिट्टी की चीज, एक बार में 10 रोटी बनाने में आती है काम

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बड़ी ही कमाल की है मिट्टी की चीज, एक बार में 10 रोटी बनाने में आती है काम


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मिट्टी के इस खास तंदूर को बनाने के लिए सबसे पहले पीली मिट्टी को लेकर अच्छे से उसको पानी में भिगो दिया जाता है और पूरे दिन फूलने के बाद, अगले दिन मिट्टी की अच्छे से सनाई की जाती है. फिर इसको चार पार्ट में बनाया जाता है. क्योंकि तंदूर की हाइट लगभग ढाई से 3 फीट की होती है. ऐसे में एक बार में बनाना संभव नहीं हो पता है. इसमें ना तो कोई सरिया का इस्तेमाल किया जाता है और ना ही किसी अन्य चीज का यह पूरी तरह मिट्टी से बनकर तैयार होती है.

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बहराइचः तवे पर रोटी तो बनते हुए अपने देखा ही होगा, लेकिन आज हम आपके खास तरीके की मिट्टी कि इस चीज के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसमें एक बार में एक दो नहीं बल्कि 8 से 10 रोटी आसानी से बनकर तैयार की जा सकती है और इसमें रोटी फूली हुई व नरम बनती है जो खाने में स्वादिष्ट भी लगती है.

मिट्टी के इस खास तंदूर को बनाने के लिए सबसे पहले पीली मिट्टी को लेकर अच्छे से उसको पानी में भिगो दिया जाता है और पूरे 1 दिन फूलने के बाद अगले दिन मिट्टी की अच्छे से सनाई की जाती है. फिर इसको चार पार्ट में बनाया जाता है. क्योंकि तंदूर की हाइट लगभग ढाई से 3 फीट की होती है तो ऐसे में एक बार में बनाना संभव नहीं हो पता है. इसमें ना तो कोई सरिया का इस्तेमाल किया जाता है और ना ही किसी अन्य चीज का यह पूरी तरह मिट्टी से बनकर तैयार होती है. इस वजह से इसको चार पार्ट में बनाकर जोड़ा जाता है, और फिर दो से तीन दिन इसको सूखने में लगते हैं. सूख जाने के बाद तीन से चार दिन तक आग जलाकर इसको पकाया जाता है. तब जाकर यह बनकर तैयार होती है.

नरम होती है रोटी गर्म खाने में आता है मजा

तंदूर का इस्तेमाल ज्यादातर होटल, ढाबे वाले लोग करते हैं क्योंकि इनके पास रोटी की खपत अधिक होती है. तंदूर में रोटी फटाफट तैयार हो जाती है बस बीच में आग जलाकर तंदूर को रख दिया जाता है और तंदूर जब गर्म हो जाती है तो एक विशेष प्रकार के गोल कपड़े पर हल्का पानी लगाकर रोटी को उस पर रखकर तंदूर के चारों ओर छाप दिया जाता है. जिससे तंदूरी रोटी बनाकर आसानी से तैयार हो जाती है, जिसमें तंदूर के हिसाब से 8 से 10 रोटी आराम से लगाई जा सकती है.

तंदूरी रोटी की बात करें तो या रोटी बिल्कुल फूली-फूली और नरम बनती है. जिसको गरमा गरम खाने पर मजा ही आ जाता है. जिसका आटा भी गुदने से पहले कुछ समय के लिए रख दिया जाता है. इसके बाद लोई बनाकर गोल गड्ढेदार कपड़े पर छाप कर तंदूर में लगाकर बना लिया जाता है और लोहे की एक घूमी हुई सीक से एक-एक कर निकाल लिया जाता है.

कच्चा और पक्का तंदूर में जाने क्या है फर्क

तंदूर बनाने वाले दो तरह के तंदूर बनाकर तैयार करते हैं एक कच्चा होता है और एक पक्का. कच्चे तंदूर को आग पर पकाया नहीं जाता है. उसको ऐसे ही रखा जाता है दरअसल कच्चा तंदूर जिसको ड्रम में बिना सेट किए ही तंदूरी रोटी बनाई जाती है. जबकि पक्के तंदूर को लोग ड्रम में सेट कर लेते हैं. मिट्टी लगाकर तब उसकी रोटी बनाना शुरू करते है. वही कीमत की बात करें तो कच्चा तंदूर दो से ढाई सौ रुपए तक की कीमत का होता है और पक्का तंदूर 400 से ₹500 तक कीमत का बिकता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें



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