‘बर्बाद हो जाएंगे’, ईरान युद्ध की चपेट में आगरा का जूता कारोबार, हजारों पर लटकी तलवार
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Agra News : अमेरिका-ईरान युद्ध को एक हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं. इसका असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. आगरा में भी इसका साफ असर दिखने लगा है. ताजनगरी में बड़े स्तर पर जूते का व्यापार होता है. यहां की कई बड़ी कंपनियां विदेश तक अपने जूते एक्सपोर्ट करती हैं. अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच यहां काम करने वाले लोगों के काम पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. लोकल 18 से आगरा के जूते व्यापारी आशीष जैन ने बताया कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो कई फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर आ जाएंगी.
आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में बड़े स्तर पर जूते का व्यापार होता है. आगरा में कई बड़ी कंपनियां देश-विदेश में अपने जूते एक्सपोर्ट करती हैं. इस काम से बड़ी संख्या में लोग रोजगार पाते हैं. अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच इन लोगों के काम पर संकट मंडरा रहा है. ऐसे में अगर यहां जूतों का व्यापार ठप या बंद हो गया तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे. लेबर की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल हो जाएगी. आगरा के एक बड़े जूते व्यापारी ने बताया कि अगर इजराइल, ईरान और अमेरिका युद्ध तीन से चार महीने और चला तो स्थिति यही होने वाली है. कई फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर आ जाएंगी. लेबर बेरोजगार हो जाएंगे. फैक्ट्री संचालकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
लोकल 18 से आगरा के जूता व्यवसायी आशीष जैन ने बताया कि अगर कोई भी फैक्ट्री या कंपनी बंद होती है तो सबसे ज्यादा प्रभाव उसमें काम करने वाले लोगों पर पड़ता है. आगरा में बड़े स्तर पर लोग फैक्ट्रियों में काम कर रहे हैं. जिस तरह से इजराइल, ईरान और अमेरिका युद्ध चल रहा है, कई फैक्ट्री संचालकों के लिए परेशानी बढ़ गई है. अगर छोटे व्यापारी का बड़े स्तर पर माल फंसता है तो वह सरवाइव नहीं कर पाएगा. वह दिवालिया घोषित हो जाता है. उसके लेबर बेरोजगार हो जाते हैं.
खतरे के बादल
आशीष जैन ने बताया कि आगरा में जूते का व्यापार बहुत अच्छे लेवल पर किया जाता है. आगरा में बनने वाला लेदर शूज देश-विदेश में काफी पसंद किया जाता है. जूते की हजारों फैक्ट्रियां संचालित हैं. आर्डर के हिसाब से एक्सपोर्ट किया जाता है. आगरा के सिकंदरा क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में जूते की सैकड़ों फैक्ट्रियां है, जहां एक से एक बेहतरीन लेदर शूज तैयार किए जाते हैं. इजराइल, ईरान और अमेरिका युद्ध के कारण आगरा के जूता उद्योग पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो जूता व्यापार खतरे में पड़ जाएगा.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें