बाबा की नगरी में भव्य शोभा यात्रा, शिव-पार्वती और मां काली का रूप देख लोग हुए भावविभोर, आप भी देखें तस्वीरें

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बाबा की नगरी में भव्य शोभा यात्रा, शिव-पार्वती और मां काली का रूप देख लोग हुए भावविभोर, आप भी देखें तस्वीरें


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Kashi Vishwanath Temple: वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को जीर्णोद्धार की चौथी वर्षगांठ मनाई गई. इस दौरान भव्य जुलूस का आयोजन हुआ, जिसमें कलाकारों ने शिव-पार्वती और मां काली का रूप धारण कर शोभा यात्रा निकाली. इस भव्य शोभा यात्रा का नजारा देख लोग भावविभोर हो गए.

बाबा की नगरी वाराणसी में शनिवार (13 दिसंबर, 2025) को काशी विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार की चौथी वर्षगांठ मनाई गई. यह विशेष अवसर न केवल मंदिर के विस्तार और नवीनीकरण की सफलता का प्रतीक है, बल्कि आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है.

मंदिर की चौथी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित जुलूस में देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण किए कई कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने पहनावे से सभी को हैरान कर दिया. हांथों में सर्प लिए महादेव का अद्भुत रूप देख लोग भावविभोर हो गए.

मंदिर की चौथी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित जुलूस में देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण किए कई कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने पहनावे से सभी को हैरान कर दिया. हांथों में सर्प लिए महादेव का अद्भुत रूप देख लोग भावविभोर हो गए.

तस्वीर में शिव और पार्वती के रूप में जो श्रृंगार किया गया है, वह काफी विशिष्ट और पौराणिक प्रतीकों को दर्शाता है. शिव और पार्वती की जो छवि प्रस्तुत की गई है, वह उनके दिव्य और शक्तिशाली रूप को दर्शाता है. जुलुस में शिव के शरीर पर कंकालों और राख का उपयोग किया गया. सिर पर चंद्रमा गले में नाग और शवों की माला ने लोगों को काफी आकर्षित किया. वहीं माता पार्वती का श्रृंगार अधिक नाजुक और सुंदर दिखाया गया. वे सुंदर वस्त्र पहनकर, आभूषणों से सजी हुई हैं, जो उनके सौंदर्य और शक्ति को व्यक्त करते हैं.

तस्वीर में शिव और पार्वती के रूप में जो श्रृंगार किया गया है, वह काफी विशिष्ट और पौराणिक प्रतीकों को दर्शाता है. शिव और पार्वती की जो छवि प्रस्तुत की गई है, वह उनके दिव्य और शक्तिशाली रूप को दर्शाता है. जुलुस में शिव के शरीर पर कंकालों और राख का उपयोग किया गया. सिर पर चंद्रमा, गले में नाग और शवों की माला ने लोगों को काफी आकर्षित किया. वहीं माता पार्वती का श्रृंगार अधिक नाजुक और सुंदर दिखाया गया. वे सुंदर वस्त्र पहनकर, आभूषणों से सजी हुई हैं, जो उनके सौंदर्य और शक्ति को व्यक्त करते हैं.

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इस जुलुस में मां काली के अनेकों रूप के दर्शन हुए. कलाकारों ने अलग-अलग श्रृंगार कर अपनी कला का प्रदर्शन किया. काशी विश्वनाथ के इस जीर्णोद्धार वर्षगांठ में इस दृश्य को देखने के लिए भक्तों की भीड़ लग गई.

इस जुलुस में मां काली के अनेकों रूप के दर्शन हुए. कलाकारों ने अलग-अलग श्रृंगार कर अपनी कला का प्रदर्शन किया. काशी विश्वनाथ के इस जीर्णोद्धार वर्षगांठ में इस दृश्य को देखने के लिए भक्तों की भीड़ लग गई.

मां काली के तांडव नृत्य के साथ कलाकारों धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रदर्शन किया. गहनों और फूलों की सजावट के साथ-साथ शरीर पर विभिन्न प्रकार के प्रतीक चिन्ह और चमत्कारी आभूषणों का प्रदर्शन किया गया

मां काली के तांडव नृत्य के साथ कलाकारों धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रदर्शन किया. गहनों और फूलों की सजावट के साथ-साथ शरीर पर विभिन्न प्रकार के प्रतीक चिन्ह और चमत्कारी आभूषणों का प्रदर्शन किया गया.

जुलुस के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक झलक दिखाई दी, जिसमें पौराणिक रूप में शिव के रूप की प्रस्तुति हुई. इस प्रकार के आयोजनों में आमतौर पर लोग देवी-देवताओं के रूप में सजते हैं और जुलूसों में शामिल होते हैं. तस्वीर में शिव के झूलते बाल और आंखों के आसपास की श्रृंगारी विशेषताएं शिव के शक्तिशाली रूप को दर्शाती हैं.

जुलुस के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक झलक दिखाई दी, जिसमें पौराणिक रूप में शिव के रूप की प्रस्तुति हुई. इस प्रकार के आयोजनों में आमतौर पर लोग देवी-देवताओं के रूप में सजते हैं और जुलूसों में शामिल होते हैं. तस्वीर में शिव के झूलते बाल और आंखों के आसपास की श्रृंगारी विशेषताएं शिव के शक्तिशाली रूप को दर्शाती हैं.

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बाबा की नगरी में भव्य शोभा यात्रा, शिव-पार्वती और मां काली का अद्भुत रूप



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