बिहार चुनाव में उतरा BJP का ‘यूपी ब्रिगेड’, CM योगी की तूफानी रैली, क्या फेल होगा PK-तेजस्वी का हर दांव?
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BJP Star Campaigners in Bihar Chunav 2025: बिहार चुनाव में बीजेपी योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह, रवि किशन, मनोज तिवारी समेत कई दिग्गजों को प्रचार में उतार रही है. क्या भारतीय जनता पार्टी साल 2022 का यूपी मॉडल 2025 में बिहार में अपनाएगा?
पटना. बिहार चुनाव में बीजेपी प्रचार अभियान को धार देने के लिए यूपी के कई दिग्गजों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है. खासकर बीजेपी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने जा रही है. बिहार में प्रचार अभियाान को धार देने के लिए यूपी से संगठनात्मक रूप मजबूत नेता मैदान में उतर गए हैं. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पहले ही बिहार चुनाव का सह-प्रभारी बनाया गया है. बीजेपी सूत्रों की मानें तो बिहार में ‘उत्तर प्रदेश मॉडल’ की दोहराने की तैयारी है. बीजेपी बूथ प्रबंधन से लेकर जातिगत समीकरण को साधने के लिए माइक्रो लेवल पर रणनीति तैयार की है. इसके तहत बीजेपी गैर-यादव पिछड़ी जातियों में मजबूत पैठ के साथ-साथ अपर कास्ट को साधेगी. इसी कड़ी में यूपी के सीएम और हिंदुत्व के ध्वजवाहक सीएम योगी आदित्यनाथ को बड़े स्टार प्रचारक के रूप में उतारा जा रहा है.

टाइम्स नाउ-जेवीसी ओपिनियन पोल के अनुसार बिहार चुनाव में एनडीए को 136 सीटें मिलती दिख रही हैं.
सीएम योगी उतरने वाले हैं मैदान में
बीजेपी सूत्रों की मानें तो सीएम योगी आदित्यनाथ को बिहार में सैकड़ों सीटों को प्रभावित करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. सीएम योगी की बिहार चुनाव में 20-25 रैलियां होने जा रही है. बिहार के दोनों चरणों के चुनावों को मिलाकर सीएम योगी से कम से कम 25 चुनावी सभाओं की तैयारी है, लेकिन स्थानीय उम्मीदवारों की भारी मांग के चलते यह संख्या बढ़ भी सकती है. योगी आदित्यनाथ अपनी रैलियों के माध्यम से 100 से 150 विधानसभा सीटों के मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखेंगे.
सीएम योगी यूपी से सटे सीटों के साथ-साथ सीमांचल और मिथिलांचल में कई रैली करने जा रहे हैं. गोपालगंज, सारण, सीवान और वाल्मीकि नगर में योगी का गहरा प्रभाव माना जाता है, जहां वह सीधे रैलियां करेंगे. मुस्लिम बहुल सीमांचल की सीटें योगी की प्राथमिकता में हैं. उनकी फायर ब्रांड हिंदुत्व की छवि को इन इलाकों में हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने और ध्रुवीकरण को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

भाजपा ने धर्मेंद्र प्रधान को बिहार प्रभारी और केशव प्रसाद मौर्य एवं सीआर पाटिल को सह प्रभारी बनाया है.
क्या है ‘यूपी मॉडल’ जो बिहार में दोहराया जाएगा?
बिहार में बीजेपी जिस यूपी मॉडल को दोहराना चाहती है, वह 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर आधारित है. साल 2022 में पार्टी ने रिकॉर्ड जीत हासिल की थी. इसके तहत गैर-यादव पिछड़ी जातियों को साधना अहम था. यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पिछड़ा वर्ग के बड़े चेहरे हैं. उनकी उपस्थिति और रणनीति का मकसद बिहार के यादव वोट बैंक से अलग गैर-यादव पिछड़ी जातियों जैसे कुशवाहा, अति पिछड़ा वर्ग में बीजेपी की पैठ बनाना है. योगी के प्रचार से युवाओं और मध्य वर्ग के बीच यह संदेश जाएगा कि बीजेपी अपराध को सख्ती से नियंत्रित कर सकती है.
सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के अलावा, यूपी, दिल्ली, एमपी, राजस्थान की कई अन्य दिग्गज हस्तियां बिहार में प्रचार करेंगी. भोजपुरी स्टार और सांसद रवि किशन, मनोज तिवारी के साथ दिनेश लाल निरहुआ भी बिहार के रण में उतरेंगे. यादव वोटरों को साधने के लिए एमपी के सीएम मोहन यादव मैदान में उतरेंगे. महिला वोटर और बनिया वोटर्स को साधने के लिए रेखा गुप्ता मैदान में उतरेंगी. कपिल मिश्रा सहित दिल्ली बीजेपी के कई मंत्री और विधायक प्रचार अभियान की कमान संभाल सकते हैं.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें