बेड-बर्तन से लेकर खान-पान तक, सामूहिक शादी में हर इंतजाम, पढ़ें इनकी कहानी

0
बेड-बर्तन से लेकर खान-पान तक, सामूहिक शादी में हर इंतजाम, पढ़ें इनकी कहानी


Last Updated:

लोकल 18 से बातचीत में श्री सत्य साईं निलयम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अखिलेश तिवारी बताते हैं कि सामूहिक शादी के कार्यक्रम में जोड़ों को कपड़े, बर्तन, मिठाई और शादी की रस्मों से जुड़ा जरूरी सामान भी दिया जाता है. यह पूरा आयोजन समाज के लोगों के सहयोग और उनकी पहल से किया जाता है, ताकि गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर किसी तरह का आर्थिक बोझ न पड़े.

ख़बरें फटाफट

गोंडा: जिले में एक प्रधानाचार्य ने ऐसा काम किया है, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है. ये प्रधानाचार्य अब तक 70 गरीब और जरूरतमंद जोड़ों की सामूहिक शादी करा चुके हैं. उनका मानना है कि किसी की मदद करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता. प्रधानाचार्य बताते हैं कि कई परिवार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपनी बेटियों की शादी नहीं कर पाते. ऐसी स्थिति देखकर उन्होंने एक अभियान शुरू किया. इस अभियान के तहत वे गरीब परिवारों की बेटियों की शादी सामूहिक रूप से कराना शुरू किया, ताकि परिवारों पर खर्च का बोझ न आए.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान श्री सत्य साईं निलयम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अखिलेश तिवारी बताते हैं कि सामूहिक शादी के कार्यक्रम में जोड़ों को जरूरी सामान भी दिया जाता है, जैसे कपड़े, बर्तन, मिठाई और शादी की रस्मों के लिए सामग्री. यह सब समाज के लोगों और प्रधानाचार्य की पहल पर जुटाए गए सहयोग से किया जाता है.

कहां से आया आइडिया
अखिलेश तिवारी बताते हैं कि वे श्री सत्य साईं के दरबार आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी गए थे. वहां उन्होंने देखा कि हजारों लड़कियों की सामूहिक शादी कराई जा रही है. तभी उनके मन में विचार आया कि वे भी ऐसा कर सकते हैं. ज्यादा नहीं तो छोटे स्तर पर ही सही, लेकिन काम किया जा सकता है. क्योंकि कई बार लड़की की शादी के लिए पिता को खेत गिरवी रखना पड़ता है या बेचना पड़ता है. इसी को देखते हुए वे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की सामूहिक शादी कराते हैं.

अभी तक कितने जोड़ों की कर चुके हैं शादी
अखिलेश तिवारी बताते हैं कि बीते 10 वर्षों से वे सामूहिक शादी करा रहे हैं और अब तक लगभग 65 से 70 लड़कियों की शादी कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि यहां हिंदू धर्म के साथ-साथ अन्य धर्मों की भी शादियां होती हैं. पिछली बार यहां एक मुस्लिम जोड़े की भी शादी कराई गई थी. यहां हर धर्म की शादी उसके अपने रीति-रिवाजों के अनुसार कराई जाती है.

65 से 70 जोड़ों की शादी
अखिलेश तिवारी बताते हैं कि शादी में बेटियों को बेड, अलमारी, बक्सा समेत अन्य जरूरी सामान भी दिया जाता है. उन्होंने बताया कि यहां बरातियों के लिए भी खान-पान की व्यवस्था रहती है, ताकि किसी को किसी भी प्रकार की समस्या न हो. अखिलेश तिवारी बताते हैं कि शुरुआत में लोगों ने काफी मजाक बनाया और कहा कि यह सब केवल सरकार से पैसा लेने के लिए किया जा रहा है, लेकिन इस बात का उन पर कोई असर नहीं पड़ा. वे अपने काम पर ध्यान देते रहे और अब तक 65 से 70 जोड़ों की शादी करा चुके हैं. यह परंपरा आगे भी चलती रहेगी.

About the Author

Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें

homeuttar-pradesh

बेड-बर्तन से लेकर खान-पान तक, सामूहिक शादी में हर इंतजाम, पढ़ें इनकी कहानी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *