यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट का खेल, बस एक छोटे से अंतर से पहचानें, अब तक पांच गिरफ्तार
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UP Board Fake Website: यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट मामले में कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. गैंग के लोग फर्जी मुहर लगाकर रिजल्ट और सर्टिफिकेट सहित तमाम चीजें मुहैया करा रहे थें.
प्रयागराजः साइबर क्राइम थाना पुलिस प्रयागराज ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानि यूपी बोर्ड की ओरिजिनल वेबसाइट www.upmsp.edu.in की फर्जी वेबसाइट www.upmsp-edu.in बनाकर ठगी करने वाले एक और अभियुक्त को गिरफ्तार किया है. इस मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी है. डीसीपी गंगानगर जोन और नोडल साइबर क्राइम कुलदीप सिंह गुनावत के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने वांछित अभियुक्त 29 वर्षीय मंगेश कुमार पुत्र शीतला प्रजापति को गिरफ्तार किया है.
कुल पांच लोगों की हुई गिरफ्तारी
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अभियुक्त को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. गिरफ्तार अभियुक्त आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के सरावां गांव का रहने वाला है. अभियुक्त के खिलाफ साइबर क्राइम थाना प्रयागराज में मुकदमा दर्ज है. इसी मुकदमे में 04 अन्य अभियुक्तों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है.
आरोपी के पास से क्या-क्या मिला?
गिरफ्तार अभियुक्त मंगेश कुमार के कब्जे से 01 एंड्रॉयड मोबाइल फोन मय 02 अदद सिम,102 फर्जी अंकपत्र, डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाण पत्र,01 लैपटाप,02 कोरियर लिफाफा और 06 फर्जी मोहरें बरामद की गई हैं. गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ साइबर क्राइम थाना प्रयागराज में मुकदमा अपराध संख्या 46/2025 दर्ज है. यह मुकदमा बीएनएस की धारा-318(4)/319(2)/338/336(3)/340(2)/61(2)/112 और 66(D)/74/84(सी) आईटी एक्ट के तहत दर्ज है.
फर्जी मोहर लगाकर देते थे रिजल्ट, डिग्री
गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में बताया है कि वह माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की ओरिजिनल वेबसाइट www.upmsp.edu.in की फर्जी वेबसाइट www.upmsp-edu.in बनाकर यूपी व अन्य प्रदेशों के भिन्न- 2 विश्वविद्यालय व तकनीकि शिक्षा बोर्ड की कूटरचित अंक पत्र, डिग्री, डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाण पत्र बनाकर पूरे भारत वर्ष में एजूकेशनल संस्थान/छात्र/छात्राओं को वितरित करता है. गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से फर्जी अंक पत्र, डिग्री, डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाण पत्र मांग के अनुरूप स्वयं बनाकर व कलर प्रिंटआउट निकालकर फर्जी मोहर लगाकर दे देते थे.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें