राम मंदिर के 5 सालों का लेखा-जोखा आया सामने, जानें मंदिर की कमाई और खर्च
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Ayodhya ram mandir revenue: अयोध्या के राम मंदिर को बनाने में काफी ज्यादा पैसा खर्च हुआ है लेकिन मंदिर की कमाई भी काफी ज्यादा हुई.
राम मंदिर
अयोध्या: अगर आप प्रभु राम की नगरी अयोध्या के राम मंदिर का लेखा-जोखा जानना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. आज प्रत्येक 3 माह में होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक राम जन्मभूमि के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणि रामदास छावनी में संपन्न हुई. बैठक में कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया. राम मंदिर निर्माण में कितना खर्च हुआ कितना और खर्च होगा इन सभी बिंदुओं पर भी बातचीत हुयी. तो हम आपको राम मंदिर निर्माण के खर्च से लेकर इससे जुड़ी अन्य रोचक जानकारी देंगे.
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 5 फरवरी 2020 को ट्रस्ट का गठन हुआ था. उसके बाद से अब तक 5 वर्षों में ट्रस्ट के अकाउंट से सरकार की विभिन्न एजेंसियों में 396 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है. इसमें अकेले जीएसटी के तौर पर 272 करोड़ रुपए सरकार को भुगतान किया गया है.
चंपत राय ने बताया कि भुगतान का 29 करोड़ रुपए गवर्नमेंट के अकाउंट में जमा किया गया है. इसके साथ रॉयल्टी के तौर पर लगभग 14 करोड़ 90 लाख रुपए खर्च हुए हैं. 7 करोड़ 40 लाख रुपए लेबर फंड में जमा किए गए हैं और उसके साथ ही इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए चार करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है. राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए कहा कि चार करोड़ रुपए का पेमेंट बीमा यानी कि इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए किया गया है.
जन्मभूमि का नक्शा पास करवाने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण को 5 करोड़ रुपए सरकारी राशि का भुगतान किया गया है. इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट ने अयोध्या में जमीन खरीदी है जिसमें रजिस्ट्रेशन फीस रेवेन्यू टैक्स के तौर पर 29 करोड़ रुपए का भुगतान सरकार को किया गया है. 5 फरवरी 2020 से 28 फरवरी 2025 तक राम मंदिर ट्रस्ट ने कुल 2150 करोड रुपए खर्च किए हैं. सरकार को इसका 18 परसेंट टैक्स भी भुगतान किया गया है.
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से 200 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट दिया गया है. इसमें राम कथा संग्रहालय सभागार ट्रस्ट ऑफिस और विश्राम स्थल के साथ-साथ 70 एकड़ के चारों ओर तीन द्वार बनाने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंप गई है.
बैठक से निकले चंपत राय ने कहा कि 5 वर्षों में राम भक्तों के द्वारा समर्पित की गई लगभग 944 किलो चांदी भारत सरकार की संस्था टकसाल को शुद्धता जांच के लिए दी गई थी जिसमें 92% शुद्ध चांदी निकली है. इसकी 20-20 किलो की ईंट बनाकर ट्रस्ट ने राम मंदिर के खातों में सुरक्षित रख ली है. इसके साथ ही अकाउंट में इआरपी सिस्टम लागू किया गया है. 2 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद ईआरपी लागू हुआ है जो अकाउंट की तकनीकी त्रुटियां को एक क्लिक में पकड़ लेगा. 1,200 करोड रुपए मंदिर निर्माण करने वाली कंपनी लार्सन टूब्रो को राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से अब तक भुगतान किया गया है.
Ayodhya,Faizabad,Uttar Pradesh
March 16, 2025, 21:24 IST