‘राम मंदिर तो बन गया, मस्जिद कब बनेगी वक्फ बोर्ड जाने’, क्या बोले अयोध्या के स्थानीय मुसलमान
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Ayodhya News: अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस को 33 साल हो गए हैं. राम मंदिर निर्माण हो चुका है, वहीं सुप्रीम कोर्ट की ओर से मुस्लिम समुदाय की मस्जिद के लिए दी गई जमीन पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ. इसको लेकर मुस्लिद समुदाय ने अपनी राय रखी है.
अयोध्या: बाबरी मस्जिद विध्वंस को 33 साल हो गए हैं. अयोध्या में धन्नीपुर मस्जिद निर्माण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड को धन्नीपुर गांव में मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि आवंटित की गई थी, लेकिन पांच वर्ष बाद भी निर्माण कार्य जमीन पर शुरू नहीं हो सका है.
दरअसल अब धनीपुर में बनने वाले मस्जिद में एक बड़ा बदलाव किया गया है. मस्जिद के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है. मस्जिद का नाम अब मोहम्मद बिन अब्दुल्लाह के नाम से रखा जाएगा, जिसके एनओसी के लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के ट्रस्टी 31 दिसंबर को अयोध्या विकास प्राधिकरण को एक एप्लीकेशन भी देंगे. इससे जुड़े कई पक्षों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया इस अवसर पर सामने आई है.
मस्जिद निर्माण को लेकर बोले मुस्लिम पक्षकार
बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला दे दिया है और मस्जिद निर्माण के लिए भूमि भी सौंप दी है. अब आगे की जिम्मेदारी सुन्नी वक्फ बोर्ड की है, वही तय करेगा कि मस्जिद कब और कैसे बनेगी. अंसारी ने दावा किया कि अयोध्या और देश का मुसलमान मस्जिद निर्माण में देरी को लेकर परेशान नहीं हैं. उन्होंने कहा कि धन्नीपुर में जिस स्थान पर जमीन दी गई है, वहां मस्जिद की विशेष जरूरत नहीं महसूस होती. उन्होंने कहा कि अयोध्या में सभी धर्मों और जातियों के देवी–देवता विराजमान हैं. यहां सम्मान और भाईचारा है, किसी तरह का तनाव नहीं है. देश का मुसलमान अब इस मुद्दे को लेकर चिंतित नहीं है.
नक्शा पास होने के बाद होगा निर्माण कार्य
अयोध्या वक्फ कमेटी के अध्यक्ष आजम कादरी ने जानकारी दी कि धन्नीपुर मस्जिद के लिए नया वास्तु नक्शा 31 दिसंबर को अयोध्या विकास प्राधिकरण में दाखिल किया जाएगा. नक्शा पास होने के बाद ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा. कादरी ने यह भी कहा कि अयोध्या के अधिकांश मुसलमान धन्नीपुर मस्जिद में नमाज पढ़ने नहीं जाएंगे, क्योंकि यह स्थान शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर है. उनके अनुसार रोजाना पांच वक्त की नमाज के लिए इतनी दूर जाना व्यावहारिक नहीं है. मंदिर तो बन गया, अब वक्फ बोर्ड वालों का काम है कि कब मस्जिद बनाया जाए.
धन्नीपुर मस्जिद परियोजना की घोषणा के बाद से कई बार डिजाइन और निर्माण की समयसीमा का संशोधन हुआ, लेकिन जमीन पर कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका. वक्फ बोर्ड की ओर से अस्पताल, संग्रहालय और सामुदायिक सुविधाओं वाले कॉम्प्लेक्स की भी योजना पहले प्रस्तुत की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबित रहने से काम आगे नहीं बढ़ पाया. 33वीं बरसी के मौके पर एक साथ बार फिर साफ हो गया है कि मस्जिद निर्माण को लेकर स्थानीय समुदाय की प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं. अब निगाहें 31 दिसंबर को नए नक्शे और इसके बाद की कार्रवाई पर टिकी हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.