राष्ट्रपति को अयोध्या से मिला खास तोहफा! राम मंदिर ट्रस्ट ने भेंट की बेजोड़ मूर्ति
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President Draupadi Murmu Ayodhya Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की तरफ से एक खास तोहफा दिया गया. यह तोहफा जयपुर के संगमरमर से बनी भगवान लक्ष्मण की एक भव्य मूर्ति है, जिसे एक ही अखंड पत्थर से तैयार किया गया है. जिसे जयपुर की मूर्तिकार रानी शर्मा ने तैयार किया है, रानी ने कहा कि उनके लिए यह बड़े सम्मान की बात है कि उनकी बनाई कलाकृति देश की राष्ट्रपति को भेंट की गई.
राष्ट्रपति मुर्मू को राम मंदिर ट्रस्ट ने भेंट की खास मूर्ति
अयोध्या: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अयोध्या दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा दी गई एक भेंट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. गुरुवार को दौरे के दौरान राष्ट्रपति को भगवान लक्ष्मण की एक भव्य मूर्ति उपहार में दी गई है. इस मूर्ति में लक्ष्मण जी को ‘शेषावतार’ के रूप में दिखाया गया है, जो उनकी धार्मिक महिमा को और भी बढ़ा देता है. सफेद पत्थर की यह चमक और बारीकी से उकेरी गई आकृतियां इस मूर्ति को बेहद अनूठा बनाती हैं.
एक ही पत्थर से तराशी गई अद्भुत कलाकृति
इस मूर्ति को खास तौर पर राजस्थान के जयपुर में तैयार करवाया गया है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरी प्रतिमा को एक ही अखंड पत्थर से काटकर बनाया गया है. इसमें कहीं भी कोई जोड़ नहीं है. मूर्ति में लक्ष्मण जी के शांत और तेजस्वी स्वरूप के साथ-साथ उनके शेषावतार वाले रूप की बारीकियां साफ नजर आती हैं. यह न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय कारीगरी की श्रेष्ठता को भी दर्शाती है.
राम मंदिर ट्रस्ट ने राष्ट्रपति मुर्मू को भेंट की मूर्ति
मूर्तिकार रानी शर्मा बोलीं ये गर्व का पल
इस मूर्ति को बनाने वाली प्रोपाइटर रानी शर्मा का कहना है कि उनके लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है. उन्होंने बताया कि उनके पास देशभर से मूर्तियों के ऑर्डर आते रहते हैं, लेकिन जब राम मंदिर के लिए काम करने का मौका मिला, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. रानी शर्मा के अनुसार, उनके द्वारा बनाई गई मूर्ति का देश की राष्ट्रपति को भेंट किया जाना उनके पूरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि और सम्मान की बात है.
धार्मिक आस्था और कला का संगम
अयोध्या में रामलला के मंदिर के साथ-साथ अब इस तरह की कलाकृतियां भी आकर्षण का केंद्र बन रही हैं. राम मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि ऐसी भेंट न केवल यादें संजोने के लिए होती हैं, बल्कि ये हमारी पारंपरिक शिल्पकला को बढ़ावा देने का भी एक जरिया हैं.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें