लकड़ी के फर्नीचर को कीटों से बचाने के लिए कर लें ये उपाय, सालों-साल नहीं होगा खराब!
Agency:News18 Uttar Pradesh
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Saharanpur: लकड़ी का सामान सालों-साल चले और उसमें कीड़ा न लगे इसके लिए बस एक छोटा सा उपाय करना है. ऐसे ही सहारनपुर के फर्नीचर को ट्रीट किया जाता है, जिससे वो टिकाऊ बनता है और इसकी सप्लाई विदेशों तक होती है.
विदेश में सालों साल चलने वाली लड़कियों का यह केमिकल है राज
सहारनपुर. सहारनपुर में लकड़ी का कारोबार बड़े स्तर पर किया जाता है, जहां नकाशी के बाद लकड़ी के उत्पाद विदेशों तक सप्लाई किए जाते हैं. लेकिन उससे पहले लकड़ी की लाइफ को बढ़ाने के लिए उस पर केमिकल ट्रीटमेंट किया जाता है. केमिकल प्लांट के मालिक तंजीम नवाज बताते हैं कि लकड़ी को कीड़ों से बचाने के लिए बोरिक और बोरेक्स केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसकी उम्र पांच गुना तक बढ़ जाती है.
घर के फर्नीचर का रखें ख्याल
केमिकल ट्रीटमेंट के बाद लकड़ी को सीजनिंग प्रक्रिया से गुजारा जाता है. अगर कोई व्यक्ति अपनी लकड़ी को कीड़ों से सुरक्षित रखना चाहता है, तो वह अपने घर पर भी इस केमिकल का इस्तेमाल कर सकता है. लकड़ी की नस-नस तक केमिकल पहुंचाने के लिए वैक्यूम प्रेशर मशीन का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें लकड़ी को रखने के बाद 3% केमिकल और 97% पानी मिलाकर चार घंटे तक वैक्यूम मशीन में समय-समय पर प्रेशर दिया जाता है, ताकि केमिकल लकड़ी के अंदर तक समा सके.
इसके बाद लकड़ी को निकालकर दो दिन तक धूप में सुखाया जाता है और फिर 200 घंटे तक सीजनिंग प्लांट में रखकर पूरी तरह तैयार किया जाता है. यही कारण है कि सहारनपुर में तैयार होने वाला लकड़ी का सामान पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है और लंबे समय तक टिकाऊ रहता है.
बढ़ जाती है लकड़ी की उम्र
केमिकल प्लांट के मालिक तंजीम नवाज ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वह पिछले पांच साल से इस काम में लगे हुए हैं. लकड़ी से कोई भी सामान बनाने से पहले उसे केमिकल प्लांट में लाया जाता है, जहां उसे बोरिक और बोरेक्स केमिकल में भिगोकर कुछ घंटों तक रखा जाता है. इसके बाद सो फोन का वैक्यूम प्रेशर दिया जाता है, ताकि केमिकल लकड़ी के हर कोने में पहुंच सके. यह प्रक्रिया लकड़ी की उम्र को पांच गुना तक बढ़ा देती है.
विदेशों तक जाते हैं उत्पाद
सहारनपुर से तैयार लकड़ी के उत्पाद केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेशों तक भेजे जाते हैं. यात्रा के दौरान लकड़ी खराब न हो, इसलिए केमिकल ट्रीटमेंट के बाद इसे 200 घंटे तक सीजनिंग प्लांट में सुखाया जाता है. इस प्रक्रिया से लकड़ी को दीमक, घुन और दूसरे कीड़ों से सुरक्षा मिलती है, जिससे यह सालों-साल टिकाऊ बनी रहती है.
Saharanpur,Uttar Pradesh
February 14, 2025, 15:32 IST