लखनऊ में टेंपो और ई-रिक्शा पर सख्ती, देनी होगी लाइसेंस फीस, लागू होंगे ये नियम, हजरतगंज में बड़ा एक्शन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सड़कों पर बढ़ती अव्यवस्था और यातायात जाम की बड़ी वजह बन चुके ई-रिक्शा, टेंपो-टैक्सी और ई-कार्ट्स को अब नियमों के दायरे में लाने की तैयारी है. नगर निगम ने इन वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने के लिए सख्त उपविधि का ड्राफ्ट जारी किया है. इसके तहत अब इन वाहनों के लिए तय रूट होंगे, सालाना लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा और नियम तोड़ने पर जुर्माना, जब्ती व नीलामी तक की कार्रवाई की जाएगी.
अब तक ई-रिक्शा और ई-कार्ट के संचालन के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं थे. यही वजह है कि ये वाहन मुख्य सड़कों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक बेधड़क दौड़ रहे थे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही थी और हादसों का खतरा भी बढ़ रहा था. नगर निगम ने इस स्थिति को गंभीर मानते हुए नए नियम लागू करने का फैसला लिया है. उपविधि के ड्राफ्ट पर 15 जनवरी तक आम जनता से आपत्तियां मांगी गई हैं. इसके बाद आपत्तियों के निपटारे के बाद प्रस्ताव को सदन में पेश कर नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा.
संचालन समिति का किया जाएगा गठन
नियमों के पालन और संचालन की निगरानी के लिए एक संचालन समिति का गठन किया जाएगा. इस समिति में अपर नगर आयुक्त, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), पुलिस उपायुक्त यातायात, डीएम द्वारा नामित एसडीएम, नगरीय सड़क परिवहन विभाग के प्रतिनिधि, नगर निगम के पार्किंग प्रभारी, ट्रैफिक के अधिशासी अभियंता, सभी जोनल अधिकारी और एक यातायात विशेषज्ञ शामिल होंगे.
लाइसेंस शुल्क होगा तय
लाइसेंस शुल्क भी तय कर दिया गया है. पांच सवारी वाले ई-रिक्शा और भार वाहन के मालिकों को सालाना 800 रुपये, ई-रिक्शा चालकों को 200 रुपये, किराए के टेंपो (छह सवारी) के लिए 1000 रुपये और टेंपो चालकों को 800 रुपये लाइसेंस शुल्क देना होगा. लाइसेंस तभी जारी होगा जब वाहन स्वीकृत आकार में और चालू हालत में होगा. साथ ही चालकों के पास आरटीओ से जारी वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य होगा.
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
नियम तोड़ने पर पहले 500 रुपये का जुर्माना लगेगा, इसके बाद 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड वसूला जाएगा. बिना अनुमति वाहन चलाने पर वाहन जब्त कर 20 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा. 15 दिन बाद नगर आयुक्त वाहन स्वामी को सूचना देकर नीलामी की कार्रवाई कर सकेंगे. इसके अलावा शहर के व्यस्त मार्गों और चौराहों पर टेंपो, टैक्सी और ई-रिक्शा के लिए तय ठहराव स्थल भी बनाए जाएंगे.
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