लू के मौसम में फलों को कैसे रखें सुरक्षित, जानिए एक्सपर्ट की सही सलाह
लू का मौसम प्रारंभ हो गया है और इस मौसम में यदि आपने फलों की बागवानी लगाई है, तो आइए जानते हैं कि लू के मौसम में फलों को कैसे सुरक्षित रखें, जिससे फल ताज़ा बने रहें और किसी प्रकार का नुकसान न हो. क्योंकि इस मौसम में फलों का सबसे ज्यादा नुकसान होता है, तो आइए जानते हैं कि फलों को कैसे सुरक्षित रखें.
फलों को सुरक्षित रखने के लिए पौधों में नमी बनाए रखें
लोकल 18 से बात करते हुए जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता बताते हैं कि वैशाख महीने का प्रारंभ हो रहा है, जिसे पारंपरिक रूप से उच्च तापमान वाला महीना माना जाता है. इसके बाद ज्येष्ठ माह आता है और फिर बरसात का मौसम शुरू होता है, जो किसानों को आय के साथ-साथ पौष्टिकता और बेहतर स्वाद भी प्रदान करता है. इस समय मुख्य रूप से आम की फसल में टिकोरे लग चुके हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि किसान समय पर पौधों में नमी बनाए रखें. इस दौरान आंधी और तेज हवा का मौसम भी बना रहता है, इसलिए यदि आपने बगीचों की कटाई-छंटाई नहीं की है, तो अब इसे न करें.
नमी सूखने से पौधों से फल ड्रॉप होने के बढ़ते हैं चांस
यदि पौधों में फल लग गए हैं, तो समय-समय पर सिंचाई करते रहें, जिससे डंठल में नमी बनी रहे. आम के टिकोरे में चिपचिपाहट (रस) होती है, और यदि यह सूख जाती है तो फल झड़ने (ड्रॉप) की संभावना बढ़ जाती है. यदि आप नियमित सिंचाई करते रहेंगे, तो नमी बनी रहेगी और फल गिरने के चांस कम होंगे. इसलिए समय-समय पर सिंचाई करना बहुत जरूरी है.
अमरूद के फलों में कीड़े से बचाव के लिए दवाओं का छिड़काव करें
इसी तरह, यदि आपने कटहल या अमरूद के बाग लगाए हैं, तो उनमें भी समय-समय पर सिंचाई करते रहें, क्योंकि इन पौधों में भी इस समय फूल और फल आना शुरू हो जाता है. यदि थोड़ी भी लापरवाही की जाए, तो फल झड़ने लगते हैं. अक्सर देखा जाता है कि बरसात के समय अमरूद के फलों में कीड़े लग जाते हैं. इससे बचाव के लिए फूल आने के समय ही पौधों पर दवाओं का छिड़काव कर दें, जिससे आगे चलकर फलों में कीड़े न लगें और वे सुरक्षित रहें.
इसलिए, लू के मौसम में फलों को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर सिंचाई करते रहें और यदि पौधों की कटाई-छंटाई नहीं की है, तो इस मौसम में इसे न करें. क्योंकि लू के मौसम में तेज हवा और आंधी चलने पर कटे-छंटे पौधों को अधिक नुकसान हो सकता है.