लौकी के छिलके क्यों कहलाते हैं सेहत का खजाना? वजह जानकर चौंक जाएंगे
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अक्सर लोग लौकी के छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही छिलके सेहत का खजाना होते हैं? फाइबर, विटामिन सी, पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर लौकी के छिलके पाचन सुधारने, कब्ज दूर करने और सूजन कम करने में मदद करते हैं. सही तरीके से धोकर और पकाकर खाए जाएं तो ये शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं.
लौकी के छिलके पाचन में सुधार करने में मदद करते हैं, क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में आहार फाइबर होता है. यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं, आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं, जिससे पाचन तंत्र मजबूत रहता है. लौकी के छिलकों का उपयोग आप जूस, सब्जी या चटनी के रूप में कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि लौकी कड़वी न हो और छिलकों को अच्छी तरह धोकर ही पकाया जाए.

डॉक्टर गीतिका शर्मा ने बताया कि लौकी के छिलके वजन घटाने में सहायक हो सकते हैं, क्योंकि इनमें फाइबर, पानी और पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं. ये पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, पाचन में सुधार करते हैं और इनमें कैलोरी भी कम होती है. इससे भूख कम लगती है और व्यक्ति ज़्यादा खाने से बचता है, जिससे वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.

लौकी के छिलके त्वचा और बालों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. इन्हें पीसकर फेस पैक के रूप में लगाने से त्वचा में निखार आता है और मुंहासे कम होते हैं. वहीं लौकी के तेल का इस्तेमाल बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाता है, समय से पहले सफेद होने से रोकता है और रूसी हटाने में मदद करता है. इसमें मौजूद विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा व बालों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं.
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लौकी के छिलके पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें फाइबर, विटामिन C, पोटैशियम, बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन में सुधार, वजन नियंत्रण और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं. इसलिए लौकी के छिलकों को अच्छी तरह धोकर ही पकाना चाहिए.

लौकी के छिलके पकाकर खाए जा सकते हैं और ये सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. इनमें भरपूर फाइबर, विटामिन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो पाचन सुधारने और वजन नियंत्रण में मदद करते हैं. इन्हें सब्जी, भुर्जी या पकौड़ी के रूप में बनाया जा सकता है. ध्यान रखें कि छिलके ताजे हों और अच्छी तरह पके हों, ताकि उनमें कीटनाशक न रहे और स्वाद कड़वा न लगे. इसलिए इस्तेमाल से पहले इन्हें अच्छी तरह धोकर और काटकर ही पकाएं, जैसे सामान्य सब्जी बनाई जाती है.

लौकी के छिलके फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. ये कब्ज, गैस और एसिडिटी से राहत दिलाते हैं, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से मल त्याग को आसान बनाते हैं और पेट को स्वस्थ रखते हैं. इससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है और कब्ज की समस्या कम हो जाती है.

लौकी के छिलके एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं. इनमें विटामिन सी, फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़कर ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. इससे त्वचा जवां दिखती है और शरीर को कई बीमारियों से बचाव मिलता है. लौकी के छिलकों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गूदे की तुलना में अधिक प्रभावी माने जाते हैं और इन्हें फाइबर के साथ सेवन करने से पाचन और वजन नियंत्रण में भी सहायता मिलती है.