वंदना उन औरतों के लिए बनीं मिसाल, जिन्होंने अफसर बनते ही पतियों को छोड़ा
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बिहार की रहने वाली एक महिला ने बीपीएससी में चयन होने के बाद बेरोजगार ब्वॉयफ्रेंड से शादी कर ली. हालांकि महिला के परिवार वाले किसी बड़े सरकारी अफसर से शादी करा रहे थे. लेकिन महिला अपनी जिद पर अड़ी रही और घर छोड़कर मंदिर में जाकर शादी कर ली.
बीपीएससी में चयन होने के बाद महिला ने बेरोजगार ब्वॉयफ्रेंड से शादी की.
लखनऊः कहते हैं कि हर सफल आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है पर अब इस नए जमाने के दौर में सफल औरतों के पीछे आदमी का हाथ होता है, यह कहने में गुरेज नहीं करना चाहिए. क्योंकि पिछले कुछ समय से ऐसी खबरें सामने आई हैं, जहां पतियों ने अपनी पत्नियों को पढ़ाकर अधिकारी बनाया. भले ही उन औरतों ने अपने पतियों का साथ बाद में छोड़ दिया, जिससे समाज में एक नई चर्चा शुरू हो गई. इस, बीच बिहार की रहने वाली एक महिला ने बीपीएससी में चयन होने के बाद बेरोजगार ब्वॉयफ्रेंड से शादी कर ली. जबकि उसके परिवार वाले किसी सरकारी अफसर से शादी करा रहे थे. लेकिन महिला अपनी जिद पर अड़ी रही और घर छोड़कर अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मंदिर में शादी रचा ली. बता दें कि ठीक इसके उलट यूपी में कई पत्नियों ने सफलता पाने के बाद अपने पतियों को छोड़ दिया था, जो सुर्खियों में छाई रहीं.
एसडीएम ज्योति मौर्या केस
ज्योति मौर्या ने साल 2010 में चतुर्थ श्रेणी के सफाई कर्मचारी आलोक मौर्या से शादी की थी. पति ने दावा किया कि उसने अपनी पत्नी की पढ़ाई और कोचिंग का खर्च उठाया और फिर वह साल 2016 में यूपीपीसीएस में 16वीं रैंक लाई और एसडीएम बन गई. पति ने आरोप लगाया था कि अफसर बनते ही ज्योति का व्यवहार बदल गया था. उसने परिवार को भी छोड़ दिया. यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था.
गोरखपुर के लिपिक पत्नी ने छोड़ दिया पति
गोरखपुर जिले में एक युवक ने लव मैरिज की. पत्नी की नौकरी के लिए वह सऊदी अरब में काम करता रहा, पैसा भेजता रहा. जमीन भी पत्नी के नाम खरीदी. पत्नी को सरकारी लिपिक की नौकरी मिली तो उसने तलाक की अर्जी डाल दी और कथित तौर पर प्रेमी के साथ चली गई. पति ने एसपी से भी न्याय की गुहार लगाई.
कानपुर, हापुड़, अमेठी में भी पत्नियों ने नौकरी के बाद पति को छोड़ा
कानपुर के रहने वाले बजरंग भदौरिया ने आरोप लगाया कि पत्नी लक्षिता परमार को सरकारी नौकरी मिलते ही उसे छोड़ दिया. वहीं दावा किया कि पत्नी साथ रहने के लिए 1 करोड़ रुपये मांग रही है. हालांकि पत्नी ने आरोपों को गलत बताया था. वहीं हापुड़ के गुलशन कुमार ने दावा किया था कि उन्होंने अपनी पत्नी को पढ़ा-लिखाकर यूपी पुलिस ने दारोगा बनाया. लेकिन नौकरी लगने के दो साल बाद ही पत्नी ने पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें